गौसेवा के समर्पण को नमन: उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने जान जोखिम में डालकर गौवंश की रक्षा करने वाले गौसेवकों को किया सम्मानित

बाढ़ के दौरान जलमग्न गौशाला से एक-एक गाय को सुरक्षित निकालने वाले सेवकों को सम्मान राशि और अंगवस्त्र प्रदान किए
रीवा, 27 अगस्त 2026। बाढ़ की विकट परिस्थितियों के बीच गौसेवा और समर्पण की मिसाल पेश करने वाले लक्ष्मणबाग गौशाला के गौसेवकों का उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने सम्मान किया। विगत दिनों मूसलाधार बारिश के कारण लक्ष्मणबाग स्थित गौशाला जलमग्न हो गई थी।
संकट की इस घड़ी में गौशाला के कर्मचारियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना गौवंश को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने गौसेवकों के सेवा भाव और साहस की सराहना करते हुए सम्मान राशि एवं अंगवस्त्र प्रदान कर उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि बाढ़ की विभीषिका के दौरान जब लोग स्वयं अपने परिवार और घरों की चिंता में थे, उस समय इन गौसेवकों ने अपनी जान जोखिम में डालकर गौवंश की सुरक्षा को प्राथमिकता दी।
चारों ओर पानी से घिरे टापू जैसे हालात और घने अंधेरे के बावजूद गौसेवक पूरी रात गौशाला में डटे रहे और गायों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। श्री शुक्ल ने कहा कि गौवंश की रक्षा के लिए जिस निष्ठा, साहस और सेवाभाव का परिचय गौसेवकों ने दिया, वह अनुकरणीय है।
संकट के समय निस्वार्थ सेवा की यह भावना समाज के लिए प्रेरणा का उदाहरण है।
विधि-विधान से किया गौ पूजन
कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने लक्ष्मणबाग गौशाला परिसर में विधि-विधान से गौ पूजन किया और गायों को गुड़ खिलाया। उन्होंने गौसेवकों के समर्पण की सराहना करते हुए उनकी सेवा भावना को नमन किया।

सम्मानित होने वालों में गौशाला संचालन समिति के अध्यक्ष श्री घनश्याम ताम्रकार, गौशाला प्रबंधक श्री अंकित मिश्रा, डॉ. अनिल मिश्रा, श्री शिव कुमार गुड्डू, श्री विशाल सिंह तथा गौशाला के 15 अन्य समर्पित कर्मचारी शामिल रहे।
इस अवसर पर भागवत प्रवक्ता पंडित बाला व्यंकटेश शास्त्री, चिरहुलानाथ के प्रमुख सेवक स्वामी गोकर्णाचार्य, डॉ. राजेश मिश्रा सहित बड़ी संख्या में गौभक्त और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।