गौशाला संचालकों की समस्याओं पर मंथन, एकजुट होकर शासन के सामने मांगें रखने पर जोर
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भोपाल। गौ एवं गौशाला उत्थान संघ मध्यप्रदेश की तृतीय प्रदेश स्तरीय त्रैमासिक बैठक भोपाल स्थित हिंदी भवन के सभा कक्ष में आयोजित की गई। बैठक में प्रदेशभर से आए गौशाला संचालकों ने गौवंश के संरक्षण और संवर्धन, गौशालाओं की व्यवस्थाओं, चारा-पानी, शासकीय अनुदान तथा गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।
बैठक की अध्यक्षता संघ के संरक्षक सुखदेव बाबा खंडवा ने की। मुख्य अतिथि भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता नेहा बग्गा थीं। साध्वी कृष्णा दीदी कुसमानिया देवास, रामलखन दास महाराज पोरसा मुरैना सहित संघ के पदाधिकारी और प्रदेशभर से आए एक सैकड़ा से अधिक सदस्य बैठक में शामिल हुए। संचालन संघ के प्रदेश अध्यक्ष राधेश्याम विश्वकर्मा ने किया।
बैठक की शुरुआत मां शारदा के चित्र पर पूजा-अर्चना, पुष्प अर्पित करने और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद अतिथियों का स्वागत किया गया। प्रदेश अध्यक्ष राधेश्याम विश्वकर्मा ने संघ की गतिविधियों और बैठक के उद्देश्य की जानकारी देते हुए कहा कि संगठन प्रदेश की गौशालाओं के संचालकों को एक मंच पर जोड़ने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास कर रहा है।
बैठक में गौशालाओं में आवश्यक व्यवस्थाओं, चारा-पानी की उपलब्धता और शासन से मिलने वाली सहायता से जुड़े विषयों पर संचालकों ने अपने अनुभव और सुझाव रखे। गौशालाओं को उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने के उपायों पर भी चर्चा हुई।
शिवपुरी जिलाध्यक्ष सरदार हरमीत सिंह हातौद ने संगठन को मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक गौशाला संचालक को दूसरे संचालकों को संगठन से जोड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि गौशाला संचालकों की समस्याओं और मांगों को शासन-प्रशासन के सामने प्रभावी तरीके से रखने के लिए एकजुटता जरूरी है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता नेहा बग्गा ने कहा कि सरकार गौवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए काम कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में बड़ी संख्या में गौशालाओं में गौवंश संरक्षण का कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा गौवंश के लिए 40 रुपये प्रति गौवंश की राशि की घोषणा किए जाने का भी उन्होंने उल्लेख किया।
नेहा बग्गा ने कहा कि गौशाला संचालकों ने बैठक में जो समस्याएं बताई हैं, उन्हें लेकर वह मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगी और समाधान के लिए अनुरोध करेंगी। उन्होंने सरकार की ओर से मांगों पर जल्द कार्रवाई का भरोसा भी दिलाया।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे सुखदेव बाबा ने कहा कि गौवंश का संरक्षण और संवर्धन भारतीय संस्कृति से जुड़ा विषय है। उन्होंने गौशालाओं की समस्याओं के समाधान के लिए शासन और प्रशासन के सामने मांगें रखने की बात कही। उन्होंने बताया कि आगामी 17 दिसंबर को भोपाल में मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने की योजना है। इसके अलावा 26 जनवरी से दिल्ली में गौवंश संरक्षण से जुड़े मुद्दों को लेकर धरना-प्रदर्शन किए जाने की बात भी कही गई।
बैठक में गौवंश संरक्षण और गौशाला संचालकों की समस्याओं के समाधान के लिए सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया। इसके बाद गौमाता की आरती हुई और शिवपुरी जिलाध्यक्ष सरदार हरमीत सिंह ने आभार व्यक्त किया।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
यह खबर गौशाला संचालकों की समस्याओं पर मंथन और एकजुट होकर शासन के सामने मांगें रखने पर जोर देती है। यह विषय गौवंश के संरक्षण, गौशालाओं की व्यवस्थाएँ, चारा‑पानी, शासकीय अनुदान और आत्मनिर्भरता से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा करता है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि गौशालाएँ ग्रामीण समाज के लिए पोषण, रोजगार और आर्थिक सुरक्षा का स्रोत हैं, और उनकी स्थिति में सुधार से किसानों की आय और पशु‑जन्य उत्पादों की गुणवत्ता पर सीधा असर पड़ेगा। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि बेहतर अनुदान और प्रबंधन से गौशालाओं मे