गौतमबुद्धनगर: ऑनलाइन निवेश के नाम पर साइबर ठगी करने वालों का मददगार गिरफ्तार, 50 हजार रुपये लेकर मुहैया कराता था बैंक खाते!!
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टेलीग्राम और व्हाट्सएप के जरिए साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराता था म्यूल बैंक खाते, खाते में आए थे 2.15 लाख रुपये से अधिक दो टूक//नोएडा। गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट की साइबर क्राइम पुलिस ने ऑनलाइन निवेश के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी करने वाले साइबर अपराधियों को बैंक खाते उपलब्ध कराने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी रुपये लेकर साइबर अपराधियों को म्यूल बैंक खाते मुहैया कराता था। उसने अपना बैंक खाता, पासबुक, चेकबुक और सिम कार्ड साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराया था। संबंधित खाते में करीब 2.15 लाख रुपये से अधिक की रकम आई थी, जिसके बदले आरोपी को 50 हजार रुपये मिले थे। पुलिस ने 15 अक्टूबर 2026 को अभिसूचना संकलन और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के विश्लेषण के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया।
उसके कब्जे से साइबर अपराध में इस्तेमाल किया गया एक मोबाइल फोन बरामद हुआ है। रुपये लेकर साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराता था बैंक खाते पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान रय्यान अंसारी पुत्र सिंकदर अंसारी, निवासी जगतपुरी, कृष्णा नगर, थाना जगतपुरी, ईस्ट दिल्ली, उम्र करीब 22 वर्ष के रूप में हुई है।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वह रुपये लेकर टेलीग्राम और व्हाट्सएप के माध्यम से साइबर अपराधियों को बैंक खाते उपलब्ध कराता था। इसके लिए उसने अपना बैंक खाता, पासबुक, चेकबुक और सिम कार्ड साइबर अपराधियों को इस्तेमाल करने के लिए दिए थे। पुलिस के मुताबिक, संबंधित बैंक खाते में लगभग 2,15,743 रुपये आए थे।
इसके बदले आरोपी को 50 हजार रुपये मिले थे। दो राज्यों में दर्ज हैं साइबर ठगी से संबंधित शिकायतें पुलिस जांच में सामने आया कि साइबर अपराध में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों के संबंध में राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दो शिकायतें दर्ज हैं। इनमें एक शिकायत उत्तर प्रदेश और दूसरी आंध्र प्रदेश से संबंधित है।
पुलिस मामले की जांच कर रही है और संबंधित बैंक खातों के जरिए हुई कथित धोखाधड़ी के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। इन धाराओं में दर्ज है मुकदमा इस मामले में थाना साइबर क्राइम, गौतमबुद्धनगर में मुकदमा अपराध संख्या 373/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 319(2) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66डी के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत है।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। साइबर ठगी से बचने के लिए पुलिस की अपील साइबर क्राइम पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति को कमीशन, किराये या अन्य लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक अथवा सिम कार्ड इस्तेमाल करने के लिए न दें।
ऐसे खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी में होने पर खाताधारक भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकता है। पुलिस ने टेलीग्राम, व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन निवेश, अधिक मुनाफे और पार्ट-टाइम नौकरी के नाम पर मिलने वाले संदिग्ध प्रस्तावों से सतर्क रहने की सलाह दी है। लोगों से कहा गया है कि वे अपने बैंक खाते, यूपीआई और इंटरनेट बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी, जैसे ओटीपी, पिन, सीवीवी और पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें।
यदि बैंक खाते में कोई संदिग्ध लेन-देन दिखाई दे या खाते के दुरुपयोग की आशंका हो, तो तुरंत संबंधित बैंक को सूचित करें। साइबर धोखाधड़ी का शिकार होने पर राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या आधिकारिक वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। ।
📡 स्रोत: NewsData.io