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गया में एसएसबी की काव्य गोष्ठी, हिंदी के प्रयोग पर जोर

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 5 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
गया में एसएसबी की काव्य गोष्ठी, हिंदी के प्रयोग पर जोर

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गया में एसएसबी की काव्य गोष्ठी, हिंदी के प्रयोग पर जोर

गया में एसएसबी की 29वीं वाहिनी ने हिंदी पखवाड़े के तहत काव्य गोष्ठी आयोजित की। राष्ट्रीय स्तर के कवियों ने काव्य पाठ किया। हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग का आह्वान किया गया।

05 अक्टूबर , गया (गया, बिहार) : हिंदी पखवाड़ा के अंतर्गत 29वीं वाहिनी, सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), गया की ओर से काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। हिंदी पखवाड़ा 21 सितंबर से 5 अक्टूबर 2026 तक मनाया जा रहा है। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्तर के कवियों ने अपनी रचनाओं का काव्य पाठ प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम में सशस्त्र सीमा बल, गया के उप महानिरीक्षक (विशेष प्रचालन) श्री मानवेन्द्र मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। 29वीं वाहिनी के कमांडेंट श्री कुणाल समेत अन्य अधिकारी और साहित्यप्रेमी अतिथि भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। मुख्य अतिथि ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया तथा उपस्थित कवियों को शॉल भेंट कर सम्मानित किया।

इसके बाद कवियों ने अपनी रचनाओं का भावपूर्ण एवं ओजपूर्ण काव्य पाठ किया। कविताओं के माध्यम से राष्ट्रप्रेम, सामाजिक समरसता, मानवीय संवेदनाओं और सकारात्मक सोच से जुड़े भाव प्रस्तुत किए गए।

मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि कविता मानव मन की भावनाओं, विचारों और संवेदनाओं की सशक्त अभिव्यक्ति का माध्यम है। उन्होंने कहा कि कविताएं समाज को सकारात्मक दिशा देने के साथ राष्ट्रप्रेम, सामाजिक समरसता, मानवीय मूल्यों और सकारात्मक परिवर्तन की भावना को भी प्रोत्साहित करती हैं।

उन्होंने कहा कि हिंदी भारत की समृद्ध सांस्कृतिक एवं साहित्यिक विरासत की प्रमुख भाषाओं में से एक है। यह केवल विचारों के आदान-प्रदान का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कृति, परंपरा, भावनाओं और सामाजिक सरोकारों की अभिव्यक्ति का भी महत्वपूर्ण माध्यम है।

उप महानिरीक्षक ने कहा कि हिंदी पखवाड़ा राजभाषा हिंदी के प्रति प्रतिबद्धता को मजबूत करने का अवसर है। उन्होंने अधिकारियों और कार्मिकों से हिंदी का प्रयोग केवल हिंदी पखवाड़े तक सीमित न रखते हुए कार्यालयीन कार्यों और दैनिक व्यवहार में भी अधिकाधिक करने का आह्वान किया।

उन्होंने काव्य गोष्ठी में शामिल कवियों की रचनात्मक प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि उनकी रचनाएं हिंदी भाषा और साहित्य को समृद्ध करने के साथ श्रोताओं में राष्ट्रप्रेम, सामाजिक चेतना और सकारात्मक सोच का संचार करती हैं।

कार्यक्रम के समापन पर मुख्य अतिथि ने उपस्थित कवियों को स्मृति चिह्न, बोधि वृक्ष और पौधे भेंट कर सम्मानित किया। इस पहल के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति जागरूकता का संदेश भी दिया गया।

काव्य गोष्ठी में 205 कोबरा के कमांडेंट श्री नरेश पंवर, 29वीं वाहिनी के द्वितीय कमान अधिकारी श्री असीम उपाध्याय, उप कमांडेंट श्री अवनीश यादव, श्री रवि भूषण और श्री अजय कुमार वाजपेयी, नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, गया के सचिव श्री दिवाकर कुमार सहित केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, क्षेत्रक मुख्यालय (विशेष प्रचालन) तथा 29वीं वाहिनी के अधिकारी, अधीनस्थ अधिकारी और बल कार्मिक उपस्थित रहे।

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Caption : गया में एसएसबी की 29वीं वाहिनी ने हिंदी पखवाड़े के तहत काव्य गोष्ठी आयोजित की। राष्ट्रीय स्तर के कवियों ने काव्य पाठ किया। हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग का आह्वान किया गया।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।