घर बैठे किसान कर सकेंगे एप से उर्वरक की बुकिंग, कालाबाजारी पर भी रोक लगेगी
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →सिटी रिपोर्टर |बेतिया अब किसान घर बैठे मोबाइल एप से उर्वरक की बुकिंग कर सकेंगे। इसके लिए खरीफ या रबी मौसम में उर्वरक के लिए अब जिले के किसानों को उर्वरक दुकानों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने किसानों के लिए उर्वरक प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुव्यवस्थित, किसान केंद्रित एवं मांग आधारित बनाने के उद्देश्य से फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल नाम से एक डिजिटल प्रणाली विकसित किया है।
जिला कृषि पदाधिकारी सरफराज असगर ने बताया कि इस एप की मदद से अब किसान घर बैठे अपने मोबाइल से ही खाद की ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं। यह एप जमीन एंव फसल के हिसाब से खाद की मात्रा तय करेगा। बुकिंग के बाद किसान खुदरा उर्वरक विक्रेता के पीओएस मशीन के माध्यम से क्यूआर कोड स्कैन कर उतनी ही मात्रा में उर्वरक उठाव कर सकते हैं।
इस नई व्यवस्था से किसानों को ससमय पर पूरी खाद उपलब्ध होगी। नई व्यवस्था लागू होते ही कालाबाजारी पर पूर्ण तरह से रोक लग जाएगी। कृषि विभाग ने सूबे के पांच जिलों में प्रथम चरण के तहत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इस व्यवस्था को लागू किया है। द्वितीय चरण में जिले को शामिल किया गया है।
इस व्यवस्था के तहत ऑनलाइन माध्यम से उर्वरक की खरीद के लिए किसानों को अपना फार्मर आईडी बनाना अनिवार्य है। यह व्यवस्था जिले में 1 सितंबर से लागू होगी। वैसे किसान जिन्होंने अपना फार्मर आईडी बना लिया है। जिनकी जमाबंदी उनके पूर्वजों के नाम पर दर्ज है। या वैसे भूस्वामी जिनका नाम जमाबंदी में दर्ज नहीं है।
साथ ही ऐसे किसान जो किसी अन्य भू-किसान, सामुदायिक भूमि, मंदिर की भूमि, सरकारी भूमि, संस्थागत भूमि, केवीके एवं अन्य सभी भूमि पर बटाईदार के रूप में खेती करते हैं।
वे उक्त प्रणाली के माध्यम से उर्वरक की बुकिंग करा सकते हैं। ^किसानों को ससमय व सुगमता से उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नई व्यवस्था एफएफएस प्रणाली को लागू किया गया है। किसानों को उर्वरक की बुकिंग में सहायता के लिए सभी सीएससी व कृषि कर्मियों को निर्देशित किया गया है।
साथ ही सभी उर्वरक विक्रेताओं को इस संबंध में प्रशिक्षण दिया जाएगा। - सरफराज असगर, जिला कृषि पदाधिकारी, बेतिया
📡 स्रोत: NewsData.io