घाटमपुर थाने में 18 सालों से बंद राधारानी:राधा-कृष्ण के मंदिर में बिना राधारानी के जन्माष्टमी, चोरी हुई मूर्तियां बरामद होकर मालखाने में रखी हैं
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →कानपुर के घाटमपुर क्षेत्र के भदरस गांव में राधा कृष्ण का प्राचीन मंदिर स्थित है। 18 वर्ष पहले इस मंदिर चोरों ने अष्टधातु की कई मूर्तियां चोरी हुई थी, जिसमें राधा रानी की मूर्ति भी शामिल थी। तत्कालीन सर्वराकार की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर चोरों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
पुलिस को चोरों के पास से मंदिर से चोरी गई मूर्तियां भी बरामद हुई थीं। तब से राधा रानी समेत अन्य छोटी प्रतिमाएं घाटमपुर थाने के मालखाने में बंद हैं। मंदिर में जन्माष्टमी मनाई जाती है, लेकिन भक्तों को राधा रानी की कमी खल रही है। जन्मोत्सव का उत्साह भी फीका हो जाता है।
कानपुर के भदरस गांव से दैनिक भास्कर रिपोर्टर हिमांशु तिवारी की ग्राउंड रिपोर्ट पढ़िए... श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की तैयारियों के बीच 18 साल पहले चोरी की घटना की याद कानपुर शहर से करीब 42 किलो मीटर को दूरी पर घाटमपुर थाना क्षेत्र के भदरस गांव के बीच में राधा कृष्ण का प्राचीन मंदिर स्थित है।
मंदिर में श्री कृष्ण जन्माष्टमी धूमधाम के साथ मनाई जा रही है। ऐसे में भक्त आज भी 18 साल पहले हुई चोरी की घटना को भुला नहीं पा रहे हैं। भगवान श्री राम 14 वर्ष का वनवास काटकर अयोध्या वापस लौटे थे। लेकिन राधा रानी 18 वर्ष बीत जाने के बाद भी कृष्ण जी से दूर हैं।
यहां पर मंदिर में श्री कृष्ण बिना राधा रानी के अपना जन्मदिन मना रहे हैं। यहां पर मंदिर के पुजारी राजेश खरे, अजय वाजपेई, गांव निवासी भक्त रमेश, अमित, अजय आदि ने बताया कि जब मंदिर में जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाता है। तो आज भी उन्हें मंदिर में राधा रानी की कमी खलती है। यहां मंदिर परिसर में भक्त रातभर भजन कीर्तन करते हैं।
इस दौरान मंदिर में 18 साल पहले हुई घटना की बात उठते ही उत्सव फीका पड़ जाता है। सर्वराकार ने दर्ज कराया था मुकदमा, छह लोगों को पुलिस ने जेल भेजा था घाटमपुर थाना क्षेत्र के भदरस गांव के बीच में स्थित प्राचीन राधा कृष्ण मंदिर से बीते वर्ष 2008 में चोर मंदिर में स्थापित अष्टधातु की कीमती मूर्तियां चोरी कर ले गए थे।
इनमें राधा रानी की प्रतिमा समेत दस छोटी छोटी अन्य प्रतिमाएं भी शामिल थीं। मंदिर के तत्कालीन सर्वराकार प्रकाश चंद्र खरे ने घाटमपुर कोतवाली पहुंचकर मंदिर से मूर्तियां चोरी होने का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने मामले की जांच करने के साथ चोरों की तलाश शुरू की थी।
महज 15 दिन के अंदर पुलिस ने कानपुर के श्याम नगर निवासी श्याम जी गुप्ता, सोनू उर्फ विनोद, बलहपारा निवासी अंकुर सिंह उर्फ राजे, धनीखेड़ा निवासी अमित कुशवाहा, इमलीपुर निवासी दिनेश प्रजापति, प्रेमनगर निवासी सर्राफा मो हसन को गिरफ्तार किया था।
जिनके पास से पुलिस को प्राचीन मंदिर से चोरी हुई अष्टधातु की कीमती मूर्तियां राधा रानी समेत दस छोटी छोटी मूर्तियां बरामद हुई थी। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। आरोपियों को कोर्ट से जमानत मिल गई, लेकिन राधा रानी आज भी घाटमपुर थाने के मालखाने में बंद हैं।
आरोपियों को मिली जमानत, राधा रानी आज भी थाने में कैद घाटमपुर थाना के तत्कालीन प्रभारी ने चोरी के मामले में चोरों को जेल भेजने के साथ राधा रानी समेत अन्य दस छोटी छोटी मूर्तियों को घाटमपुर थाने के मलखाने में रखवा दिया था। यहां पर सभी मूर्तियां एक बोरी में मोहर सील लगी हुई रखी हैं।
कुछ दिन बीतने के बाद आरोपियों को कोर्ट से जमानत तो मिल गई। राधा रानी आज भी घाटमपुर कोतवाली के मलखाने में कैद हैं। मामले में घाटमपुर इंस्पेक्टर मनोज सिंह भदौरिया ने बताया की सर्वराकार को मूर्ति कोर्ट से रिलीज करवा लेनी चाहिए। ताकि राधा रानी कृष्ण भगवान के पास फिर से स्थापित हो सके।
भक्त बोले- मूर्ति बिना मंदिर सूना लगता भदरस निवासी अजय खरे उर्फ निशू ने बताया कि उनके पूर्वजों ने इस मंदिर का निर्माण कराया गया था। मंदिर में दो बार पहले भी मूर्तियां चोरी हुई थीं। लेकिन वह मिल गई थीं। इस बार चोर जब राधा कृष्ण की मूर्ति चोरी करके भाग रहे थे, तो श्री कृष्ण जी की प्रतिमा मंदिर से कुछ दूर पर गिर गई।
इसके बाद चोर उस प्रतिमा को उठा नहीं पाए। मजबूर चोर कृष्ण भगवान की प्रतिमा को छोड़कर भाग गए थे। जिसके चलते मंदिर में आज भी अष्टधातु के श्री कृष्ण की प्रतिमा स्थापित है। उन्होंने बताया कि जन्माष्टमी के पर्व पर भक्तो को राधा रानी की कमी खलती है। वह लोग राधा रानी को वापस मंदिर लाने की कोशिश कर रहे हैं।
विधायक बोलीं- अनुसूचित जनजाति की समिति में मूर्तियां मंदिर में लाने की मांग रखेंगी घाटमपुर विधायक सरोज कुरील ने बताया कि राधा कृष्ण के प्राचीन मंदिर की मूर्तियां थाने के मालखाने में बंद होने की जानकारी मिली है, उन्होंने कहा कि वह अनुसूचित जनजाति की बैठक में राज्य संपति विभाग को पत्र लिखकर घाटमपुर थाने के मालखाने में बंद राधा रानी समेत दस छोटी छोटी मूर्तियां और सजेती थाने में कैद बिहारी जी की मूर्ति को मंदिर में फिर से सुरक्षा के साथ स्थापित कराने की मांग रखेंगी।
वह कोशिश करके जल्द मंदिर में मूर्तियों को रखवाएंगी। ताकि भक्त अपनी पूजा अर्चना कर सके। इसके साथ ही उन्होंने मां कुष्मांडा को नमन करते हुए सभी क्षेत्रवासियों जन्माष्टमी के पावन पर्व की बधाई दी।
📡 स्रोत: NewsData.io