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घायलों की मदद करें, बनें राह-वीर; मिलेगा ₹25 हजार पुरस्कार

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 29 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
घायलों की मदद करें, बनें राह-वीर; मिलेगा ₹25 हजार पुरस्कार

कटिहार में सड़क दुर्घटना पीड़ितों को गोल्डन ऑवर में अस्पताल पहुंचाने वालों को ₹25 हजार व प्रशस्ति पत्र मिलेगा। अब तक चार लोग सम्मानित हो चुके हैं।

28 अक्टूबर ,कटिहार (कटिहार, बिहार) : सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों की मदद कर उनकी जान बचाने वाले आम नागरिकों को प्रोत्साहित करने के लिए केंद्र सरकार की ‘राह-वीर’ योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल या ट्रॉमा केयर सेंटर पहुंचाने में मदद करने वाले पात्र व्यक्ति को 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार और प्रशस्ति प्रमाणपत्र देने का प्रावधान है। इसका उद्देश्य लोगों को दुर्घटना पीड़ितों की सहायता के लिए आगे आने को प्रेरित करना और समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।

जिला परिवहन पदाधिकारी डेजी रानी ने बताया कि सड़क दुर्घटना के बाद का पहला एक घंटा ‘गोल्डन ऑवर’ कहलाता है। इस दौरान घायल व्यक्ति को समय पर चिकित्सा सहायता मिलना उसकी जान बचाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि सड़क पर किसी व्यक्ति को घायल अवस्था में देखकर अनदेखा न करें और सुरक्षित तरीके से उसकी मदद करें।

योजना के तहत पात्र व्यक्ति को दुर्घटना में घायल व्यक्ति की तत्काल सहायता कर गोल्डन ऑवर के भीतर अस्पताल या ट्रॉमा केयर सेंटर पहुंचाने में सहयोग करने पर निर्धारित नियमों के अनुसार 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाता है। यदि एक ही घायल व्यक्ति की मदद कई लोग मिलकर करते हैं, तो नियमों के मुताबिक पुरस्कार राशि उनके बीच समान रूप से बांटी जा सकती है। इसके अतिरिक्त, उत्कृष्ट योगदान देने वाले 10 राह-वीरों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिवर्ष एक लाख रुपये का पुरस्कार देने का भी प्रावधान बताया गया है।

मददगारों को कानूनी संरक्षण

अक्सर पुलिस की पूछताछ या कानूनी प्रक्रिया के डर से लोग दुर्घटना में घायल व्यक्तियों की मदद करने से पीछे हट जाते हैं। इस आशंका को दूर करने के लिए सद्भावना से सहायता करने वाले ‘गुड सेमेरिटन’ को मोटर वाहन अधिनियम की धारा 134ए और संबंधित नियमों के तहत कानूनी संरक्षण प्राप्त है। ऐसे मददगारों को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाना चाहिए और उनकी निजता का सम्मान किया जाना चाहिए।

जिला परिवहन पदाधिकारी डेजी रानी ने नागरिकों से अपील की कि दुर्घटना होने पर पहले अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करें, जरूरत पड़ने पर एंबुलेंस और पुलिस को सूचना दें तथा घायल को शीघ्र चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि कुछ मिनट की तत्परता किसी की जिंदगी बचा सकती है। नागरिक केवल राहगीर बनकर न रहें, बल्कि जरूरत के समय ‘राह-वीर’ बनकर आगे आएं।

जिला परिवहन पदाधिकारी के अनुसार, कटिहार जिले में अब तक चार लोगों को इस पहल के तहत सम्मानित किया जा चुका है।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

इस खबर में बताया गया है कि कटिहार में सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को समय पर अस्पताल पहुँचाने वाले नागरिकों को सरकार द्वारा ₹25,000 का पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र दिया जा रहा है। यह ‘राह‑वीर’ योजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य आम लोगों को आपातकालीन सहायता देने के लिए प्रेरित करना है। यह पहल महत्वपूर्ण है क्योंकि सड़क दुर्घटनाएँ भारत में हर दिन बड़ी संख्या में जानें लेती हैं और समय पर सहायता से मृत्यु दर घटाई जा सकती है। यदि अधिक लोग इस तरह के प्रयास करें तो समाज में आपसी सहानुभूति बढ़ेगी, और सड़क सुर

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

सड़क दुर्घटना में घायल को बचाने के लिए समय पर मदद करना न केवल जीवन बचाता है, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी भी दिखाता है। ‘राह‑वीर’ जैसी योजनाएँ हमें याद दिलाती हैं कि हर नागरिक की छोटी सी दयालुता बड़ी परिवर्तनकारी शक्ति रखती है। आइए हम एकजुट होकर आपात स्थितियों में सहायता के लिए तत्पर रहें, जिससे हम अपने समाज को सुरक्षित, सहानुभूतिपूर्ण और जिम्मेदार बना सकें।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।