ग्लेशियर पिघलने से 30 साल में बढ़ी 5 गुना झीलें, क्यों खतरे में सतलुज-ब्यास नदी, क्लाइमेट पर क्या पड़ेगा

ग्लेशियर पिघलने की चिंता पूरी दुनिया में है. यह एक गंभीर पर्यावरणीय चिंता है. हिमालय के ग्लेशियर पिघलने से हिमाचल प्रदेश में खतरा बढ़ गया है. IIT रोपड़ और सिडनी की यूनिवर्सिटी ऑफ़ टेक्नोलॉजी ने एक ज्वाइंट रिसर्च की है.
इस रिसर्च में दावा किया गया है कि पिछले 30 साल में हिमालच में ग्लेशियल झीलों की संख्या 5 गुना ज्यादा बढ़ गई है. इससे सतलुज और ब्यास नदी पर बने हाइड्रोपावर स्टेशन को खतरा है. कई और अन्य तरह के खतरे हैं. इसके बारे में विस्तार से बता रहे हैं.
📡 स्रोत: News18 Hindi