गोपालगंज के दियारा इलाके में बाढ़:सड़कों पर 5 फीट तक पानी; कई गांवों का संपर्क टूटा, मवेशियों के साथ तटबंधों पर जा रहे लोग
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →‘सड़कों पर पांच फीट से ज्यादा पानी बह रहा है। गांव से बाहर निकलने का रास्ता नहीं बचा है। मवेशियों को लेकर कहां जाएं, कुछ समझ नहीं आ रहा है।’ गोपालगंज के दियारा इलाके में बाढ़ से घिरे ग्रामीणों की यह परेशानी है। दरअसल, वाल्मीकिनगर बराज से गंडक नदी में छोड़े गए 5 लाख क्यूसेक से अधिक पानी से गोपालगंज के निचले और तटवर्ती इलाकों में बाढ़ आ गई है।
कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है और लोग घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। वहीं, डीएम समीर सौरभ ने कहा कि तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है और बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने के लिए नावों की वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। अब सिलसिलेवार पढ़िए, पूरी खबर… दियारा इलाके में तेजी से फैल रहा बाढ़ का पानी गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से गोपालगंज के दियारा इलाके में बाढ़ का पानी तेजी से फैल गया है।
निचले और तटवर्ती क्षेत्रों में पानी भरने से हजारों लोगों का जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई गांवों में घरों के अंदर तक पानी घुस गया है। ग्रामीण चारों तरफ से पानी से घिर गए हैं। सड़कों और रास्तों पर पांच फीट से अधिक पानी बह रहा है। इससे दियारा इलाके का मुख्य मार्गों से संपर्क टूट गया है। कई जगहों पर लोगों को पानी तैरकर या जोखिम भरे रास्तों से आवागमन करना पड़ रहा है।
घर छोड़कर तटबंधों पर जा रहे ग्रामीण सदर प्रखंड के कटघरवा पंचायत के जगीरी टोला और खाप मकसूदपुर जाने वाली सड़क पूरी तरह पानी में डूब गई है। चारों तरफ पानी भरने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। सरकारी स्कूल भी बाढ़ के पानी से घिरने लगे हैं। ग्रामीण अपने मवेशियों को लेकर सुरक्षित तटबंधों की ओर जाने लगे हैं।
कई गांवों में लोगों का पलायन शुरू हो गया है। ग्रामीणों के मुताबिक, कई जगहों पर कमर तक पानी भर गया है और जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। मवेशियों को बचाने और उनके चारे का इंतजाम करना भी चुनौती बन गया है। राहत नहीं मिलने से बाढ़ पीड़ितों में नाराजगी बाढ़ से घिरे ग्रामीणों ने जिला प्रशासन पर राहत कार्य में देरी का आरोप लगाया है।
उनका कहना है कि पानी बढ़ने के बावजूद अब तक पर्याप्त राहत सामग्री नहीं पहुंची है। लोगों के लिए तिरपाल, भोजन और पीने के साफ पानी की व्यवस्था नहीं की गई है। आवागमन के लिए भी पर्याप्त नावें उपलब्ध नहीं हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे दाने-दाने और पीने के साफ पानी के लिए परेशान हैं। बाढ़ पीड़ितों ने तत्काल राहत कार्य शुरू करने और प्रभावित इलाकों में पर्याप्त नावें उपलब्ध कराने की मांग की है।
कई प्रखंडों के गांव बाढ़ से घिरने लगे गोपालगंज सदर प्रखंड के अलावा मांझागढ़, बरौली, सिधवलिया और बैकुंठपुर प्रखंड के कुछ गांव भी बाढ़ के पानी से घिरने लगे हैं। कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों के सामने सुरक्षित स्थान तक पहुंचने और मवेशियों को बचाने की चुनौती है।
डीएम बोले- 24 से 48 घंटे में पानी दूसरे जिले की तरफ निकल जाएगा डीएम समीर सौरभ ने बताया कि वाल्मीकिनगर बराज से सोमवार को 5.25 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया है। उन्होंने कहा, "बराज से छोड़ा गया पानी भी गोपालगंज पहुंचेगा। हालांकि, गंडक नदी से लगातार पानी का डिस्चार्ज भी हो रहा है।
इस वजह से 24 से 48 घंटे में गोपालगंज से पानी दूसरे जिले की तरफ निकल जाएगा।" डीएम ने कहा, "जो लोग गांव के अंदर घिरे हुए हैं, उन्हें बाहर निकाला जा रहा है। इसके साथ ही नाव की वैकल्पिक व्यवस्था भी की जा रही है, ताकि लोग सुरक्षित तटबंधों पर पहुंच सकें।" उन्होंने बताया, "तटबंधों की सुरक्षा और निगरानी के लिए अधिकारियों की टीम लगा दी गई है।
तटबंध वैसे तो पूरी तरह सुरक्षित हैं, लेकिन पानी के दबाव से उनमें कोई दरार या खामी न आए, इसके लिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।"
📡 स्रोत: NewsData.io