गोरा टीला झरना हादसा: चार बच्चों की मौत के बाद प्रशासन अलर्ट, 50 ब्लड सैंपल और पानी के नमूने जांच के लिए भेजे
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शिवपुरी। ग्राम गोरा टीला स्थित झरने के पानी के उपयोग के बाद चार बच्चों की दुखद मृत्यु की घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। घटना के बाद जिला प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य एवं प्रशासनिक अमले को सक्रिय कर दिया है।
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा IAS के निर्देश पर प्रभावित परिवारों की जांच कराई जा रही है और झरने के पानी के सैंपल भी जांच के लिए लिए गए हैं।
बताया गया कि शिवपुरी शहर के वार्ड नंबर 9 हम्माल मोहल्ला निवासी रजा मोहम्मद एवं फिजिकल थाना के सामने रहने वाले तनवीर के परिवार के करीब 15 सदस्य गोरा टीला झरने पर पिकनिक मनाने पहुंचे थे। परिवार के सदस्यों ने वहां स्नान करने के साथ खाना खाया। इसके बाद कुछ लोगों की तबीयत बिगड़ गई और चार बच्चों की दुखद मृत्यु हो गई।
50 ब्लड सैंपल लिए, पानी की भी होगी जांच घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर अर्पित वर्मा ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। चिकित्सकों की दो टीमों द्वारा पिकनिक पर गए परिजनों की जांच करते हुए 50 ब्लड सैंपल लिए गए हैं।
साथ ही झरने के पानी के नमूने भी जांच के लिए भेजे गए हैं, ताकि स्वास्थ्य बिगड़ने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। वहीं तौकीर अहमद की 17 वर्षीय पुत्री ताशीन की जांच में समस्या सामने आने पर उसका अल्ट्रासाउंड कराया गया और उपचार शुरू किया गया है। चिकित्सकों की टीम उसकी लगातार निगरानी कर रही है।
एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर किया निरीक्षण कलेक्टर के निर्देश पर कोलारस एसडीएम शिवदयाल धाकड़ प्रशासनिक अमले, पटवारी, सरपंच और ग्रामीणों के साथ गोरा टीला क्षेत्र पहुंचे। उन्होंने सिद्ध बाबा नाले/झरने सहित आसपास के क्षेत्र का सघन निरीक्षण किया।
स्वास्थ्य विभाग को गांव में सर्वे करने और ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने तक पानी का उपयोग न करने की अपील
जिला प्रशासन ने जनहित में लोगों से अपील की है कि जांच रिपोर्ट आने तक सिद्ध बाबा नाले/झरने के पानी में न नहाएं, न इसे पीने के लिए इस्तेमाल करें और न ही किसी घरेलू कार्य में इसका उपयोग करें। प्रशासन ने ग्रामीणों से किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी लक्षण दिखाई देने पर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने की अपील की है।
पीड़ित परिवारों को डेढ़-डेढ़ लाख की राहत हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों के परिवारों को जिला प्रशासन की ओर से आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई गई है। कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश पर अपर कलेक्टर दिनेश चंद्र शुक्ला ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं।
इसके बाद रेडक्रॉस के माध्यम से प्रत्येक पीड़ित परिवार को 1.50 लाख रुपये की राहत राशि का चेक प्रदान किया गया। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता घटना के कारणों का पता लगाने, प्रभावित लोगों की स्वास्थ्य जांच कराने और किसी संभावित खतरे को रोकने की है। पानी की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
गोरा टीला झरने के पानी में विषैले तत्व या रोगजनक पाये जाने के कारण चार बच्चों की मृत्यु हो गई। यह घटना ग्रामीण इलाकों में जल सुरक्षा और स्वास्थ्य निगरानी के महत्व को उजागर करती है। प्रशासन ने 50 ब्लड सैंपल और पानी के नमूने जाँच के लिए भेजे, ताकि कारण का पता चल सके और आगे की दुर्घटनाओं को रोका जा सके। इस घटना से जनता में जल स्रोतों के प्रति सतर्कता बढ़ेगी और सरकार पर जल गुणवत्ता सुधारने का दबाव बढ़ेगा।