राजनीति

गोरखपुर में भोजपुरी गजल संग्रह ‘चुनरी में दागि’ का विमोचन

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 8 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
गोरखपुर में भोजपुरी गजल संग्रह ‘चुनरी में दागि’ का विमोचन

महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, गोरखपुर के कुलसचिव कार्यालय में भोजपुरी-भाषा-साहित्यकार डा.फूलचन्द प्रसाद गुप्त के सद्य:प्रकाशित भोजपुरी गजल संग्रह 'चुनरी में दागि' का विमोचन शहरनामा गोरखपुर के सम्पादक डा.वेदप्रकाश पाण्डेय और कुलसचिव डा.प्रदीप कुमार राव के हाथों सम्पन्न हुआ।

इस संग्रह में भोजपुरी भाषा में सत्तासी गजलें संगृहीत हैं।प्लाक्षा प्रकाशन से प्रकाशित इस संग्रह की भूमिका डा.वेदप्रकाश पाण्डेय ने लिखी है।विमोचन के उपरान्त डा.वेदप्रकाश पाण्डेय ने कहा कि डा.गुप्त ने गजल के क्षेत्र में किये गये अपने पहले प्रयास में ही सफलता प्राप्त कर ली है।इन्होंने गजलों के शिल्प और इस निमित्त जरूरी अन्य रचनात्मक शर्तों को भी पूरा किया है तथा जीवन जगत् के अन्यान्य सम -विषम,सरल-जटिल स्थितियों को अपनी गजलों का विषय बनाया है।मुझे विश्वास है कि गजलों का यह संग्रह जनमानस में जगह बनाएगा।डा.प्रदीप कुमार राव ने कहा कि इस संग्रह के माध्यम से डा.गुप्त ने सामाजिक विसंगतियों,लोकजीवन के संघर्षों,मानव मन की जटिलताओं का सच उजागर किया है और समाज को सही मार्ग पर चलने के लिए आग्रह किया है।इन्होंने अपने साहित्यक धर्म का निर्वाह करते हुए आम जन जीवन के प्रति संवेदनात्मक अभिव्यक्ति दी है।कुछ गजलों में डा.गुप्त ने स्वयं में झांकने की कोशिश की है और स्वयं को भी मूल्यों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया है।डा.फूलचन्द प्रसाद गुप्त ने कहा कि कोई भी सहृदय इन गजलों के मर्म तक पहुंच सकता है।इन गजलों में सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक मूल्यों में ह्रास की तरफ संकेत किया गया है और समाज को सत्पथ पर चलने का आग्रह भी है

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।