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गोरखपुर में गुरुवार को कोर्ट नहीं पहुंचा कोई गवाह:10 साल की बच्ची से रेप- हत्या मामले में सुनवाई रुकी, अगली तारीख 16 अक्टूबर

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 16 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
गोरखपुर में गुरुवार को कोर्ट नहीं पहुंचा कोई गवाह:10 साल की बच्ची से रेप- हत्या मामले में सुनवाई रुकी, अगली तारीख 16 अक्टूबर

गोरखपुर जिला अस्पताल से 10 साल की बच्ची को अगवाकर रेप और हत्या मामले में गुरुवार को पास्को कोर्ट में कोई गवाह हाजिर नहीं हुआ। इसलिए सुनवाई आगे नहीं बढ़ पाई। कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 16 अक्टूबर को तय की है। इससे पहले छटवें गवाह का क्रॉस एग्जीनेशन पूरा कर बयान दर्ज किया गया था। मामले में बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान बैंक रोड पर वी मार्ट के सामने प्लाइवुड की दुकान चलाने वाले अशहर जमील का साक्ष्य दर्ज किया गया था।

उन्होंने अपनी दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को अदालत में साबित किया था। विवेचक ने जांच के दौरान इस फुटेज को पेनड्राइव में लेकर साक्ष्य के रूप में सुरक्षित किया था। इसके बाद बचाव पक्ष की ओर से उनकी जिरह शुरू हुई, जो पहले दिन पूरी नहीं हो सकी। 14 अक्टूबर को अशहर जमील की प्रति परीक्षा पूरी हुई थी।

अब तक छह गवाहों की गवाही हुई मुकदमे में अब तक पीड़िता के पिता और बड़ी बहन समेत छह गवाहों की गवाही हो चुकी है। इनमें सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण करने वाले विशेषज्ञ, कोतवाली के मुकदमा लेखक और स्कूल के प्रधानाचार्य भी शामिल हैं। मामले की सुनवाई पाक्सो न्यायालय में चल रही है। जानिए क्या है पूरा मामला?

28 जुलाई की रात 10 साल की बच्ची अपनी बड़ी बहन को खाना देने गोरखपुर जिला अस्पताल गई थी। उसकी बड़ी बहन वहां भर्ती थी। इसी दौरान बच्ची अचानक लापता हो गई। परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, तो पता चला कि पुलिस की वर्दी पहने एक युवक उसे अपने साथ ले गया था। इसके बाद पुलिस ने CCTV फुटेज और सर्विलांस की मदद से जांच आगे बढ़ाई।

जांच में डायल 112 में तैनात सिपाही अभिषेक यादव, निवासी गाजीपुर, पर बच्ची के अपहरण का आरोप सामने आया। 30 जुलाई को रोहिन नदी के किनारे मिला था शव पुलिस के मुताबिक, हिरासत में पूछताछ के दौरान आरोपी ने बच्ची के साथ रेप करने और उसकी हत्या करने की बात स्वीकार की थी। 30 जुलाई को चिउटहा में रोहिन नदी के किनारे बच्ची का शव बरामद हुआ था।

मामले के सामने आने के बाद आरोपी सिपाही को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया और उसे जेल भेज दिया गया। अब अदालत में गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर मामले की सुनवाई आगे बढ़ रही है।

📡 स्रोत: NewsData.io

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