गोरखपुर में मांझे में फंसकर युवक की मौत:कट गई थी गर्दन, पत्नी देखने के लिए चिल्लाती रही, 374 दुकानों पर छापा, 9 गिरफ्तार
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →गोरखपुर में शनिवार को चाइनीज मांझे से युवक की मौत के बाद जिले में ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस दौरान सभी थाना क्षेत्रों में 374 दुकानों की जांच हुई। इनमे 9 दुकानों में प्रतिबंधित मांझा मिला। पुलिस 9 दुकानदारों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर रही है। पुलिस ने इन दुकानों से 77 बंडल चाइनीज मांझा बरामद किया है।
शहर के तिवारीपुर, कोतवाली और राजघाट थाना क्षेत्र में रात भर छापेमारी चलती रही। पोस्टमार्टम के बाद हुआ अंतिम संस्कार प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की चपेट में आने से जान गंवाने वाले 35 वर्षीय रमेश कन्नौजिया की मौत अत्यधिक रक्तस्राव से हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में श्वासनली और गर्दन की मुख्य धमनियां क्षतिग्रस्त होने की पुष्टि हुई है।
पोस्टमार्टम करने वाले डाॅक्टर के अनुसार, मांझे से गर्दन पर गंभीर चोट आई थी, जिससे श्वासनली और मुख्य धमनियां कट गई थीं। इसके चलते अत्यधिक रक्तस्राव हुआ और रमेश की मौत हो गई। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। देर शनिवार शाम पुलिस की मौजूदगी में गमगीन माहौल में राजघाट में अंतिम संस्कार किया गया।
इस दौरान परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने परिवार को ढांढस बंधाया और मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया। अब जानिए पूरा मामला गोरखपुर में चाइनीज मांझे से 35 साल के युवक की गर्दन कट गई। उसकी सड़क पर ही तड़प-तड़पकर मौत हो गई।
शनिवार दोपहर 1 बजे वह मोपेड से दुकान जा रहा था, तभी गर्दन में चाइनीज मांझा फंस गया। उसने ब्रेक मारा, लेकिन तब तक आधी गर्दन कट चुकी थी। युवक मोपेड के साथ सड़क पर गिर पड़ा। गर्दन से तेजी से खून निकलने लगा। राहगीरों ने युवक को उठाया और जिला अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने रमेश कन्नौजिया को मृत घोषित कर दिया।
सूचना मिलते ही पत्नी रोते हुए जिला अस्पताल पहुंची। पति का चेहरा देखने की जिद करने लगी। पहले तो पुलिसवालों ने मना किया, लेकिन बाद में चेहरा दिखाया। SP ने चौकी प्रभारी को सस्पेंड कर दिया। घटना शहर के तिवारीपुर थाना क्षेत्र में हुई। बता दें कि यूपी में पिछले 10 साल से चाइनीज मांझा बैन है, लेकिन यह फिर भी बिक रहा है।
इसी साल फरवरी में सरकार ने कहा था- अगर किसी व्यक्ति की मौत चाइनीज मांझे से होती है, तो इसे हादसा नहीं माना जाएगा। हत्या की FIR दर्ज की जाएगी। घर में इकलौता कमाने वाला था युवक रमेश कन्नौजिया घर में इकलौता कमाने वाला था। वह कॉस्मेटिक की दुकान पर काम करता था। उसे 10 से 12 हजार रुपए महीने मिलते थे।
परिवार में पत्नी पुन्ना, 9 साल की बेटी अपर्णा, 5 साल का बेटा आर्यन और बुजुर्ग पिता फकीरे हैं। पिता की देखभाल की जिम्मेदारी भी रमेश पर थी। पिता ने बताया कि रमेश स्कूटी से दुकान पर निकला था। आधे घंटे बाद एक व्यक्ति आया और हादसे के बारे में बताया। इसके बाद हम लोग अस्पताल पहुंचे, लेकिन तब तक बेटे की मौत हो चुकी थी।
जिला अस्पताल के डॉ.
आरडी रमन ने बताया- अस्पताल पहुंचने से पहले ही युवक की मौत हो गई थी। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। इसके बाद ही पता चल पाएगा कि गर्दन कितनी कटी थी या गिरने की वजह से सिर में चोट लगने से मौत हुई थी। लोग बोले- बैन होने के बावजूद बिक रहा चाइनीज मांझा स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रतिबंध के बावजूद 10 दुकानों पर चोरी-छिपे चाइनीज मांझा बेचा जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि रमेश के परिवार का खर्च और बच्चों की जिम्मेदारी कौन उठाएगा?
प्रशासन को मांझे की बिक्री पर सख्ती करनी चाहिए। एसपी सिटी बोले- मांझा बेचते मिलने पर सख्त कार्रवाई होगी एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया- मामले में FIR दर्ज की गई है। डोमिनगढ़ चौकी इंचार्ज आलोक सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है। चाइनीज मांझे की बिक्री और इस्तेमाल रोकने के लिए अगले 48 घंटे तक अभियान चलाया जाएगा।
इस दौरान मांझा बेचते मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब पढ़िए चाइनीज मांझे से हुईं 6 बड़ी घटनाएं… 16 अगस्त 2026: गाजियाबाद में चाइनीज मांझे से गर्दन कटने के कारण 25 साल के रविराज की मौत हो गई। 4 फरवरी 2026: लखनऊ में चाइनीज मांझे से गर्दन कटने के कारण एमआर शोएब की मौत हो गई थी। 14 जनवरी 2026: जौनपुर में चाइनीज मांझे से गर्दन कटने के कारण डॉक्टर समीर की मौत हो गई थी।
23 अक्टूबर 2025: शाहजहांपुर में रवि शर्मा (26) पत्नी के साथ ससुराल जा रहे थे। चाइनीज मांझा उनकी गर्दन में फंस गया। अस्पताल में मौत हो गई थी। 30 सितंबर 2025: अलीगढ़ में 28 साल के सलमान स्कूटर से दुकान जा रहे थे। चाइनीज मांझा उनकी गर्दन में उलझ गया, जिससे गहरा कट लगा। अस्पताल ले जाने पर उनकी मौत हो गई।
11 जनवरी 2025: शाहजहांपुर में ड्यूटी पर जा रहे कांस्टेबल शाहरुख हसन चाइनीज मांझे की चपेट में आ गए। उनकी गर्दन पर गहरा कट लगा। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। यूपी में कब से बैन है चाइनीज मांझा, क्यों खतरनाक?
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने साल 2017 में देश भर में नायलॉन या चाइनीज मांझे की खरीद, बिक्री, स्टोरेज और इस्तेमाल पर पाबंदी लगाई थी। तब से ही यूपी में भी चाइनीज मांझा बैन है। इसके बावजूद बहुत से लोग इसे खरीदते-बेचते हैं। इस वजह से अक्सर हादसे होते हैं। यह सामान्य मांझे की तुलना में कई गुना धारदार होता है। यह आसानी से टूटता नहीं है। सामान्य मांझे से कई गुना तीखा होता है। इसकी वजह से पतंगबाजों की पतंगें आसानी से कट जाती हैं। लेकिन, इंसानों या जानवरों के हाथ-पैर पर लगने पर गंभीर चोटें आ सकती हैं। चाइनीज मांझा कैसे बनता है, बनाने-बेचने पर कितनी सजा?
चीनी मांझा चीन से नहीं आता। इसे प्लास्टिक मांझा भी कहा जाता है। चाइनीज मांझा सामान्य मांझे की तरह केवल धागों से नहीं बनाया जाता। इसे नायलॉन और मेटेलिक पाउडर से तैयार करते हैं। इसके बाद इस मांझे पर कांच या लोहे के चूरे से धार भी लगाई जाती है। मांझा बनाने-बेचने और इससे पतंग उड़ाने पर पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 की धारा 15 के तहत 5 साल तक की सजा और 1 लाख तक का जुर्माना हो सकता है। कई बार जमानत भी नहीं मिलती। दुकान को भी सील कर दिया जाता है। अगर मांझा किसी की मौत का कारण बना, तो सजा और गंभीर हो सकती है। किन-किन राज्यों में चाइनीज मांझा बैन है?
भारत में चीनी मांझा की बिक्री, भंडारण और उपयोग पर कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में प्रतिबंध लगाया गया है। यह प्रतिबंध मुख्य रूप से मानव और पशु सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सार्वजनिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए लागू किया गया है। दिल्ली में भी 2017 से चीनी मांझे पर बैन है।
उसके बावजूद भी धड़ल्ले से बिक्री होती है। गुरुग्राम (हरियाणा)- 2025 में स्वतंत्रता दिवस से पहले, जिला प्रशासन ने चीनी मांझा और अन्य सिंथेटिक धागों की बिक्री, भंडारण और उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया। कर्नाटक- PETA इंडिया की अपील पर राज्य सरकार ने सभी प्रकार के मांझे पर प्रतिबंध लगाया, जिसमें कांच या धातु से कोटेड धागे शामिल हैं।
महाराष्ट्र- राज्य सरकार ने कांच-कोटेड कॉटन और अन्य खतरनाक मांझे पर प्रतिबंध लगाया है, ताकि मानव, पक्षी और अन्य जानवरों को होने वाली चोटों को रोका जा सके। पश्चिम बंगाल- राज्य सरकार ने चीनी मांझा की बिक्री, भंडारण और उपयोग पर प्रतिबंध लगाया है। चंडीगढ़- सिंथेटिक या नायलॉन धागों की बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध है।
राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना, उत्तराखंड, पंजाब, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ , ओडिशा और असम में राज्य सरकारें भी समय-समय पर इन खतरनाक मांझे की बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लगा
📡 स्रोत: NewsData.io