गोरखपुरः सुशीला देवी घर पर आम की छाल से बनाती हैं टेराकोटा का ऑर्गेनिक रंग, ODOP के तहत मिल रही पहचान

गोरखपुर की सुशीला ऐसी ही महिला हैं, जो खुद टेराकोटा की अलग-अलग वैरायटी की मूर्तियां तैयार करती हैं. लेकिन उनकी कहानी इसलिए और खास हो जाती है क्योंकि मूर्तियों को रंगने के लिए इस्तेमाल होने वाला 'टेराकोटा कलर वह बाजार से खरीदती नहीं हैं, बल्कि घर पर खुद तैयार करती हैं.
सुशीला के मुताबिक, इस खास रंग को तैयार करने की प्रक्रिया आसान नहीं है. इसके लिए सबसे पहले 'आम की डाल और उसकी छाल को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ा जाता है.
📡 स्रोत: News18 Hindi