गोरखपुर में तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी ‘दीर्घायु-2026’ का समापन
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
गोरखपुर में महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय में वृद्धजनों के स्वास्थ्य और उनकी देखभाल को लेकर आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी ‘दीर्घायु-2026’ का शुक्रवार को समापन हो गया। इस मौके पर भगवान धन्वंतरि की जयंती पर पूजन और हवन भी किया गया।समापन कार्यक्रम में राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग के सदस्य डॉ. कमलेश कुमार द्विवेदी ने वृद्धजनों के मानसिक स्वास्थ्य पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि घर के बुजुर्गों के पास बैठना और उनसे बातचीत करना उनके लिए सबसे बड़ी दवा है। बढ़ती उम्र में बुजुर्गों को याददाश्त कमजोर होने, तनाव, चिंता, नींद न आने और व्यवहार में बदलाव जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
उन्होंने कहा कि बुजुर्गों की देखभाल केवल उनकी शारीरिक बीमारियों के इलाज तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उनके मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य का भी ध्यान रखना जरूरी है। परिवार के सदस्यों का प्यार, सहयोग और समय पर इलाज मिलने से बुजुर्ग बेहतर जीवन जी सकते हैं।कार्यक्रम में संगोष्ठी के दौरान हुई चर्चाओं और शोध कार्यों की जानकारी दी गई।
अलग-अलग सत्रों में बेहतर शोधपत्र प्रस्तुत करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया गया। इसके साथ ही तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के सफल आयोजन की घोषणा की गई।इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में ‘अभिव्यक्ति-2026’ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित हुआ। इसमें विद्यार्थियों ने गायन, एकल नृत्य और सामूहिक नृत्य की प्रस्तुतियां दीं।
कार्यक्रम में छोटे बच्चों ने श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोकों का पाठ भी किया। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया।