गोस्वामी जी ना होते तो आज घर-घर राम की शायद चर्चा ना होती:ओमप्रकाश पांडे

प्रतापगढ़। प्रतापगढ़ रामानुज आश्रम में परम वैष्णव संत गोस्वामी तुलसीदास जी की जयंती के पावन अवसर पर धर्माचार्य ओमप्रकाश पांडे अनिरुद्ध रामानुज दास ने अपने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि गोस्वामी जी ना होते तो आज घर-घर राम की चर्चा ना होती।
प्रभु श्री राम सनातन धर्मियों के आराध्य हैं ।गोस्वामी जी अपने को स्वामी नहीं बल्कि अपने को भगवान का दास मानते थे। अवधी भाषा में दो महान साहित्य लिखे गए प्रथम संत गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा प्रभु श्री राम के जीवन चरित्र पर श्रीमद्वाल्मीकि रामायण को आधार मानकर और तमाम वेद पुराण आदि को साक्षी मानते ...
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