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‘गोट वैली योजना’ से पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार को मिला बढ़ावा

लेखक: AIR Dehradun अंतिम अपडेट: 24 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
‘गोट वैली योजना’ से पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार को मिला बढ़ावा

24 अगस्त 2026, देहरादून: प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा शुरु की गई ‘गोट वैली योजना’ के प्रति ग्रामीण खासा रुचि ले रहे हैं। लगभग साढ़े पांच हजार लोगों को इस योजना का लाभ मिल चुका है और लगातार नए लोग इससे जुड़ रहे हैं।

पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने बताया कि योजना के तहत लाभार्थियों को पांच बकरियों के लिए 30 हजार रुपये तक का आसान ऋण उपलब्ध कराया जाता है। इसके बाद पशुपालन विभाग की ओर से 10 बकरियां और एक बकरा मुफ्त दिया जाता है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला ऐसा राज्य है जिसने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस-आईटीबीपी के साथ सीधे जुड़कर किसानों और पशुपालकों को बाजार उपलब्ध कराया है। पहले उत्तरकाशी और अन्य सीमांत क्षेत्रों के पशुपालकों को अपनी भेड़-बकरियां बेचने के लिए हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों पर निर्भर रहना पड़ता था।

कई बार उन्हें भुगतान मिलने में छह से आठ महीने तक का समय लग जाता था। लेकिन अब आईटीबीपी के साथ साझेदारी होने से यह प्रक्रिया बेहद सरल और पारदर्शी हो गई है।

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