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ग्राम निकुम की महिलाओं ने लिखी आत्मनिर्भरता की कहानी, बिहान बना आजीविका का सहारा

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 27 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
ग्राम निकुम की महिलाओं ने लिखी आत्मनिर्भरता की कहानी, बिहान बना आजीविका का सहारा

दुर्ग। दुर्ग जिले के ग्राम निकुम की महिलाओं ने मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिखी है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के ‘बिहान’ कार्यक्रम से जुड़कर गांव की महिलाएं विभिन्न स्वरोजगार गतिविधियों से अपनी आजीविका चला रही हैं। किसी ने हाथकरघा को अपनाया, तो किसी ने किराना दुकान, सिलाई और स्वच्छता से जुड़े कार्यों को आय का जरिया बनाया है।

बिहान कार्यक्रम के तहत स्व सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों के लिए ऋण और आवश्यक सहयोग मिला। महिलाओं ने इस राशि का उपयोग अपने छोटे-छोटे व्यवसाय शुरू करने और उन्हें आगे बढ़ाने में किया। इससे उन्हें नियमित आमदनी का जरिया मिला और वे परिवार की आर्थिक जरूरतों में भी योगदान दे रही हैं।

ग्राम निकुम की महिलाओं का कहना है कि बिहान कार्यक्रम से जुड़ने से पहले उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर थी। स्व सहायता समूह से जुड़ने और स्वरोजगार शुरू करने के बाद उनकी आय में सुधार आया है। अब वे परिवार की जरूरतों को पूरा करने के साथ आर्थिक रूप से अधिक आत्मनिर्भर महसूस कर रही हैं।

गांव की महिलाएं हाथकरघा, किराना एवं फोटो कॉपी की दुकान, सिलाई और स्वच्छता जैसे विभिन्न कार्यों से जुड़ी हैं। स्व सहायता समूह महिलाओं को संगठित करने के साथ-साथ उन्हें रोजगार और आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने में भी मददगार साबित हो रहे हैं।

ग्राम निकुम की सक्रिय महिला सरोजिनी गायकवाड़ के अनुसार, गांव में 62 महिला स्व सहायता समूह सक्रिय हैं। इन समूहों से जुड़ी महिलाएं विभिन्न आजीविका गतिविधियों के माध्यम से आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं।

आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ती महिलाओं की भागीदारी यह दर्शाती है कि स्व सहायता समूहों से जुड़कर और स्वरोजगार को अपनाकर महिलाएं न केवल अपनी आय बढ़ा सकती हैं, बल्कि अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

बाइट: प्रीति बघेल, किराना एवं फोटो कॉपी व्यवसाय

बाइट: जानकी धनकर, हाथकरघा कार्य बाइट: मीना बाई साहू, सिलाई कार्य

बाइट: रुकमा राडिल्य, स्वच्छता कार्य बाइट: सरोजिनी गायकवाड़, सक्रिय महिला, ग्राम निकुम

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।