ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में श्रम बल सहभागिता दर में सुधार

अगस्त 17, नई दिल्ली: जुलाई 2026 में देश की समग्र बेरोजगारी दर घटकर 5.1 प्रतिशत रह गई, जो जून 2026 और जुलाई 2025 दोनों की तुलना में कम है। यह जानकारी राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण के जुलाई मासिक बुलेटिन में दी गई है।
15 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों की समग्र श्रम बल भागीदारी दर जून के 54.4 प्रतिशत से बढ़कर जुलाई में 55.4 प्रतिशत हो गई।
ग्रामीण क्षेत्रों में एलएफपीआर जून के 56.6 प्रतिशत से बढ़कर जुलाई में 58.0 प्रतिशत हो गई, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 50.1 प्रतिशत से बढ़कर 50.4 प्रतिशत रही।
महिला एलएफपीआर में भी वृद्धि दर्ज की गई। यह जून के 32.7 प्रतिशत से बढ़कर जुलाई में 34.4 प्रतिशत हो गई।
इसी अवधि में ग्रामीण महिला एलएफपीआर 36.6 प्रतिशत से बढ़कर 38.8 प्रतिशत और शहरी महिला एलएफपीआर 24.8 प्रतिशत से बढ़कर 25.3 प्रतिशत हो गई।
जुलाई 2025 की तुलना में जुलाई 2026 में समग्र एलएफपीआर 0.5 प्रतिशत अंक बढ़कर 55.4 प्रतिशत हो गई। ग्रामीण एलएफपीआर में 1.1 प्रतिशत अंक की वृद्धि हुई, जबकि शहरी एलएफपीआर में 0.3 प्रतिशत अंक की गिरावट दर्ज की गई।
श्रमिक जनसंख्या अनुपात (डब्ल्यूपीआर) भी जुलाई में बढ़ा। समग्र डब्ल्यूपीआर जून के 51.4 प्रतिशत से बढ़कर जुलाई में 52.5 प्रतिशत हो गया। यह फरवरी 2026 के बाद डब्ल्यूपीआर में पहली वृद्धि है।
ग्रामीण डब्ल्यूपीआर जून के 53.8 प्रतिशत से बढ़कर जुलाई में 55.4 प्रतिशत हो गया, जबकि शहरी डब्ल्यूपीआर 46.8 प्रतिशत से मामूली बढ़कर 47.0 प्रतिशत रहा।
ग्रामीण महिला डब्ल्यूपीआर में जून के 34.7 प्रतिशत से बढ़कर जुलाई में 37.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। शहरी महिला डब्ल्यूपीआर भी 22.7 प्रतिशत से बढ़कर 23.1 प्रतिशत हो गया।
जुलाई 2025 की तुलना में समग्र डब्ल्यूपीआर 0.5 प्रतिशत अंक बढ़कर 52.5 प्रतिशत रहा। इस दौरान ग्रामीण डब्ल्यूपीआर में एक प्रतिशत अंक की वृद्धि हुई, जबकि शहरी डब्ल्यूपीआर 47.0 प्रतिशत के समान स्तर पर रहा।
(स्रोत- पीआईबी)