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ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती देने जुटे उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, चिकित्सकों से सीधे संवाद कर जानी जमीनी हकीकत, सुविधाएं सुधारने के दिए निर्देश

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 30 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती देने जुटे उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, चिकित्सकों से सीधे संवाद कर जानी जमीनी हकीकत, सुविधाएं सुधारने के दिए निर्देश

भोपाल, 30 अक्टूबर 2026। मध्यप्रदेश में ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल लगातार स्वास्थ्य व्यवस्था की जमीनी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। इसी क्रम में उन्होंने जबलपुर संभाग के जबलपुर, मंडला और नरसिंहपुर जिलों में पदस्थ बंधपत्र चिकित्सकों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीधा संवाद किया।

उन्होंने चिकित्सकों से उनकी कार्यस्थितियों, उपलब्ध सुविधाओं और सामने आ रही समस्याओं की जानकारी ली तथा अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं तत्काल बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उनका जोर स्पष्ट रहा कि चिकित्सकों को बेहतर कार्यपरिस्थितियां मिलें और ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध हो।

उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और उनकी गुणवत्ता में सुधार शासन की प्राथमिकता है। ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में पदस्थ बंधपत्र चिकित्सक स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनके समर्पण और सक्रिय सहभागिता से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने सहित स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है। उन्होंने चिकित्सकों से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, एनीमिया नियंत्रण, सिकल सेल रोग की पहचान एवं प्रबंधन और गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) से संबंधित कार्यक्रमों को पूरी प्रतिबद्धता के साथ लागू करने का आह्वान किया।

चिकित्सकों की समस्याएं सुनीं, सुविधाएं उपलब्ध कराने के दिए निर्देश

उपमुख्यमंत्री ने केवल स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा तक सीमित न रहते हुए चिकित्सकों की वास्तविक कार्यपरिस्थितियों की जानकारी भी प्राप्त की। उन्होंने संबंधित मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएमएचओ) को निर्देश दिए कि बंधपत्र चिकित्सकों के रहने, भोजन, पेयजल, बिजली और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। चिकित्सकों को ऐसा सकारात्मक और सहयोगपूर्ण वातावरण मिले, जिसमें वे बिना अनावश्यक कठिनाइयों के मरीजों की सेवा कर सकें।

उन्होंने चिकित्सकों की समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण करने, जिला स्तर पर आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने और खंड चिकित्सा अधिकारियों (बीएमओ) को चिकित्सकों की सुविधाओं एवं कार्यप्रणाली की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए चिकित्सकों की उपलब्धता के साथ उनके लिए अनुकूल कार्यपरिस्थितियां भी जरूरी हैं।

मंडला में 67 चिकित्सक पदस्थ, 50 ने संभाली जिम्मेदारी

मंडला जिले की समीक्षा के दौरान सीएमएचओ डॉ. डी.जे. मोहंती ने जानकारी दी कि जिले में कुल 67 बंधपत्र चिकित्सक पदस्थ किए गए हैं, जिनमें से 50 चिकित्सक ज्वाइन कर सेवाएं दे रहे हैं। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने शेष चिकित्सकों की ज्वाइनिंग की स्थिति की समीक्षा करने और वर्तमान में कार्यरत चिकित्सकों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने मंडला जिले के बीजाडांडी विकासखंड के ग्राम जमथर में पदस्थ चिकित्सक डॉ. आशीष पारस से सीधे संवाद कर उनकी कार्यस्थिति और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि चिकित्सक प्रतिदिन सुबह 9 बजे निर्धारित ओपीडी एवं सेवा स्थल पर उपस्थित रहें, ताकि दूरस्थ गांवों से आने वाले मरीजों को समय पर उपचार मिल सके। उन्होंने बिजली और पानी की समस्याओं का तत्काल निराकरण करने तथा स्वास्थ्य संस्था में जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

जबलपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं का लिया फीडबैक

उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने जबलपुर जिले के मझगवां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ बंधपत्र चिकित्सक डॉ. अंजू मरावी से भी सीधे संवाद किया। उन्होंने कार्यक्षेत्र में आने वाली समस्याओं, ओपीडी के समय, टेलीमेडिसिन सेवाओं, अस्पताल में दवाओं की उपलब्धता और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मानव संसाधनों की स्थिति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर मरीजों को अधिक प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रोत्साहित किया।

बेहतर सुविधाएं और जवाबदेही, दोनों पर उपमुख्यमंत्री का जोर

उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि चिकित्सकों को बेहतर कार्यपरिस्थितियां और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। वहीं, चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति, मरीजों को समय पर चिकित्सकीय परामर्श और शासकीय स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

उन्होंने अधिकारियों को स्वास्थ्य संस्थानों की नियमित समीक्षा करने, कमियों को समयबद्ध तरीके से दूर करने और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच एवं गुणवत्ता में निरंतर सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस पहल के माध्यम से उपमुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य व्यवस्था में सुविधाओं, जवाबदेही और बेहतर सेवा प्रदाय के बीच समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जबलपुर कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा, सीएमएचओ डॉ. नवीन कोठारी, बंधपत्र चिकित्सक नोडल डॉ. पंकज ग्रोवर, डॉ. कमलेश वर्मा, डॉ. वैशाली खन्ना सहित जबलपुर, मंडला एवं नरसिंहपुर के संबंधित बीएमओ, जिला कार्यक्रम प्रबंधक और अस्पताल प्रबंधन के अधिकारी उपस्थित रहे।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

मध्यप्रदेश के ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच को बढ़ाने के उद्देश्य से उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने जबलपुर, मंडला और नरसिंहपुर जिलों के चिकित्सकों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीधे संवाद किया। यह कदम ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की जमीनी स्थिति पर नज़र रखने और सुधारात्मक निर्देश देने के लिए उठाया गया है। इस पहल का महत्व इसलिए है क्योंकि ग्रामीण इलाकों में डॉक्टरों की कमी, सुविधाओं की अपर्याप्तता और रोगियों की असमय पहुँच जैसी समस्याएँ लगातार बनी हुई हैं। यदि यह

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।