भोपाल

ग्रामीण तकनीक, कृषि नवाचार और स्थानीय प्रतिभाओं के मॉडल बने आकर्षण का केन्द्र

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 25 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
ग्रामीण तकनीक, कृषि नवाचार और स्थानीय प्रतिभाओं के मॉडल बने आकर्षण का केन्द्र

मेले में कारीगरों, किसानों, महिला समूहों, नवाचारियों, शैक्षणिक संस्थानों और गैर-सरकारी संगठनों द्वारा विकसित तकनीकों एवं उत्पादों का प्रदर्शन किया जा रहा है।

डिंडौरी जिले के शहपुरा निवासी शिवम साहू द्वारा विकसित ‘हैक दि रोबो’ ह्यूमनॉइड रोबोट विद्यार्थियों के लिए विशेष आकर्षण है। यह हिंदी, अंग्रेजी सहित विभिन्न भाषाओं में बातचीत करने में सक्षम है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित संवाद, कंप्यूटर विजन, चेहरा पहचानने, दृश्य समझने और ऑब्जेक्ट पहचानने जैसी क्षमताएं प्रदर्शित की जा रही हैं।

रायसेन की विज्ञान लोकप्रियकरण एवं सामाजिक शोध संस्था द्वारा केप्लर के गति नियमों पर आधारित मॉडल प्रदर्शित किए गए हैं। इनके माध्यम से विद्यार्थियों को ग्रहों की गति और कक्षाओं से जुड़े वैज्ञानिक सिद्धांत प्रयोगात्मक तरीके से समझाए जा रहे हैं।

भिंड के युवा नवाचारी दीपक वर्मा द्वारा वर्ष 2022 में विकसित ‘सेफ विजन डिस्टेंस सेंसर’ भी प्रदर्शित किया गया है। मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग से आंखों पर पड़ने वाले प्रभाव को ध्यान में रखते हुए विकसित इस नवाचार को वर्ष 2024 में दिल्ली में आयोजित 11वें नेशनल लेवल एक्जीविशन एण्ड कॉम्पिटीशन में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा दीपक वर्मा को सम्मानित किया गया। वर्ष 2025 की 52वीं राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी में भी उनके नवाचार को सराहना मिली।

मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, भोपाल के डॉ. राहुल एम. श्रीवास्तव एवं डॉ. मोहम्मद यासिर द्वारा विकसित ‘डेयरीशील्ड प्रो’ कम लागत वाला सैनिटाइजेशन उपकरण है। इसे डेयरी फार्मों में स्वच्छता और बेहतर वातावरण के उद्देश्य से विकसित किया गया है।

M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।