ग्रामीणों ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पर झूठी शिकायत का आरोप लगायाः केंद्र बंद होने का वीडियो बनाने पर सरकारी काम में बाधा डालने की शिकायत, कहा-निष्पक्ष जांच हो
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शिवपुरी जिले के करैरा थाना क्षेत्र के प्राणपुरा कुठीलामढ़ गांव में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका पर ग्रामीणों ने झूठी शिकायत करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि केंद्र की व्यवस्थाओं की जानकारी प्रशासन तक पहुंचाने के लिए वीडियो बनाने पर उन्हें सरकारी काम में बाधा डालने के मामले में फंसाया जा रहा है।
शनिवार को ग्रामीणों ने करैरा थाने और तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की। ग्रामीणों के मुताबिक, उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र के बाहर से वीडियो बनाया था। उस समय केंद्र बंद था। उनका कहना है कि वीडियो बनाने का उद्देश्य केंद्र के समय पर नहीं खुलने और बंद रहने की जानकारी प्रशासन तक पहुंचाना था।
किसी सरकारी काम में बाधा डालना उनका उद्देश्य नहीं था। ग्रामीणों ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने चार-पांच ग्रामीणों के खिलाफ करैरा थाने में सरकारी काम में रुकावट डालने की शिकायत की है।
ग्रामीणों ने आरोपों को गलत और बेबुनियाद बताते हुए कहा कि सरकारी संस्था की व्यवस्था में कमी दिखाई देने पर प्रशासन को इसकी जानकारी देना उनका अधिकार और सामाजिक जिम्मेदारी है। घटना के समय मौजूद नहीं थे, फिर भी नाम देने का आरोप
ग्रामीणों ने शिकायत में कुछ ऐसे लोगों के नाम शामिल किए जाने का भी आरोप लगाया है, जो घटना के समय मौके पर मौजूद नहीं थे। ग्रामीणों का कहना है कि इससे निर्दोष लोगों के खिलाफ कार्रवाई होने की आशंका है।
उन्होंने थाना प्रभारी और तहसीलदार से मांग की कि वीडियो, मौके की वास्तविक स्थिति और संबंधित लोगों के बयान के आधार पर मामले की स्वतंत्र जांच की जाए। ग्रामीणों ने कहा कि जांच पूरी होने से पहले किसी निर्दोष के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।
ज्ञापन देने वालों में गजेंद्र लोधी टीला, अभिषेक बगरौदा, रविंद्र नरवरिया, बल्लू लोधी, मनोज, ब्रजेंद्र, जितेंद्र कोली, सचिन लोधी, मदन लोधी, पुष्पेंद्र, अवतार लोधी, अंकित लोधी समेत कई ग्रामीण शामिल रहे। ग्रामीणों ने कहा कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो वे वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत करेंगे।
इसके बाद शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन भी किया जाएगा।