गृह मंत्री अमित शाह ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की
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विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा है कि देश अब बदलती वैश्विक व्यवस्था को देखते हुए अपनी विशेष परिस्थितियों के अनुसार कदम उठा रहे हैं तथा नई साझेदारियां और नए विकल्प तलाश रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में भारत-सयुंक्त अरब अमीरात भागीदारी इस दिशा में किए गए प्रयासों का सबसे उत्तम उदाहरण है।
अबू धाबी में रायसीना पश्चिम एशिया कार्यक्रम में एक सत्र के दौरान डॉ. जयशंकर ने यह बात कही। इसमें संयुक्त अरब अमीरात के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख-अब्दुल्ला-बिन-जायद-अल-नाहयान भी उपस्थित थे।
डॉ. जयशंकर ने बहुपक्षवाद के तत्काल सुधार के महत्व का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बदली वैश्विक व्यवस्था की गति को समझना जरूरी है। श्री जयशंकर ने कहा कि देश अपनी विशेष परिस्थितियों के अनुसार कदम उठाते हैं तथा भागीदारी और नए विकल्प तलाशते हैं। इसमें अपने पारंपरिक दायरों से आगे निकलना और मजबूत रणनीतिक समझ विकसित करना शामिल है।
डॉ. जयशंकर ने श्री नाहयान के साथ बैठक भी की। दोनों पक्षों ने भारत-संयुक्त अरब अमीरात व्यापक रणनीतिक भागीदारी के अंतर्गत द्विपक्षीय और वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। डॉ. जयंशकर ने जॉर्जिया के विदेश मंत्री माका बोत्चोरिशविली से भी मुलाकात की। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार, पर्यटन और शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में सम्बंधों का विस्तार हो रहा है। दोनों पक्षों ने मौजूदा क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर भी चर्चा की।