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गृहमंत्री आज गुजरात में LNG ट्रेन के दिखाएंगे हरी झंडी:टैंक फुल होने पर 2200 किमी चलेगी, LNG और डीजल के बीच स्विच कर सकेगा इंजन

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 27 सितंबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
गृहमंत्री आज गुजरात में LNG ट्रेन के दिखाएंगे हरी झंडी:टैंक फुल होने पर 2200 किमी चलेगी, LNG और डीजल के बीच स्विच कर सकेगा इंजन

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रविवार को गुजरात में 1,542 करोड़ रुपए से अधिक की रेल परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे। इस दौरान वह भारत की पहली LNG (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) से चलने वाली ट्रेन को भी हरी झंडी दिखाएंगे। ट्रेन की खास बात यह है कि यह एक बार पूरी तरह से भरे टैंक में 2200 किलोमीटर तक की लंबी दूरी तय कर सकती है।

यह ट्रेन पूरी तरह से LNG बेस्ड होगी। हालांकि, इसका इंजन LNG और डीजल दोनों पर चल सकता है। यानी कि फ्यूल की मात्रा के हिसाब से इंजन LNG और डीजल के बीच स्विच कर सकता है। 2,000 किमी से ज्यादा का फील्ड ट्रायल रहा सफल इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत 1400 HP क्षमता वाले दो ड्राइविंग पावर कार (DPC) को LNG ड्यूल-फ्यूल प्रणाली में ट्रांसफॉर्म किया गया है।

ट्रेन का 2,000 किलोमीटर से अधिक का सफल फील्ड ट्रायल पूरा किया जा चुका है। गुजरात के मेहसाणा और साबरमती के बीच करीब 8 महीनों तक ट्रेन का ट्रायल हुआ। आने वाले समय में 8 से 10 और ट्रेनों में एलएनजी तकनीक को अपनाने की योजना है। ट्रेन के इंजन के अंदर की दो तस्वीरें… प्रदूषण में भी भारी कमी आएगी: DRM अहमदाबाद के डीआरएम वेद प्रकाश ने बताया कि एलएनजी डीजल से सस्ता होने के कारण ट्रेन चलाने की कुल लागत कम हो जाती है।

एलएनजी ईंधन से प्रदूषण में भी भारी कमी आएगी। इससे कार्बन डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड और धूल के कण जैसे हानिकारक तत्व कम मात्रा में उत्पन्न होंगे। इससे रेलवे ट्रैक के आसपास की हवा भी शुद्ध रहेगी। इसके साथ ही, ईंधन की लागत में भी काफी बचत होगी। वेद प्रकाश ने आगे बताया कि एलएनजी ईंधन प्रणाली के साथ इंजन की पॉवर में कोई कमी नहीं आती।

इंजन की पॉवर डीजल इंजन के समान ही बनी रहती है। एक एलएनजी टैंक से डीपीसी ट्रेन लगभग 2200 किलोमीटर तक चल सकती है, इसलिए बार-बार फ्यूल भरने की जरूरत नहीं होती। इसके अलावा अमित शाह रेलवे से जुड़ी कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और लोकार्पण भी करेंगे। 700 करोड़ की लागत से नया लोकोमोटिव शेड साबरमती में करीब 700 करोड़ रुपए की लागत से WAG-12 लोकोमोटिव मेंटेनेंस शेड बनाया गया है।

यहां करीब 12,000 HP क्षमता वाले 300 WAG-12 इलेक्ट्रिक मालगाड़ी इंजनों के रखरखाव की सुविधा होगी। ये इंजन भारी और लंबी मालगाड़ियों को चलाने के लिए तैयार किए गए हैं। साबरमती-सारखेज रेल लाइन होगी डबल करीब 313.27 करोड़ रुपये की लागत

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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💡 पृष्ठभूमि (Background)

गृह मंत्री अमित शाह द्वारा गुजरात में LNG चलने वाली पहली भारतीय ट्रेन को हरी झंडी देने की योजना, जो 1,542 करोड़ रुपए से अधिक की रेल परियोजनाओं के साथ जुड़ी है। यह ट्रेन एक बार टैंक भरे पर 2,200 किलोमीटर तक चल सकती है और LNG व डीजल दोनों पर चलने वाला इंजन रखती है। यह कदम ऊर्जा दक्षता और पर्यावरणीय स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि LNG को डीजल से कम प्रदूषण वाला विकल्प माना जाता है। आम जनता को इससे स्वच्छ ऊर्जा से चलने वाले परिवहन के लाभ मिलेंगे, जिससे कार्बन उत्सर्जन घटेगा और इंधन

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