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GST में बड़ा बदलाव! टैक्स चोरी पर नहीं होगी गिरफ्तारी? 7 अक्टूबर को फैसला

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 4 अक्टूबर 2026 👁️ 2 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
GST में बड़ा बदलाव! टैक्स चोरी पर नहीं होगी गिरफ्तारी? 7 अक्टूबर को फैसला

GST लागू होने के करीब 9 साल बाद टैक्स सिस्टम में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. सरकार जीएसटी अधिकारियों को मिली गिरफ्तारी की शक्ति हटाने पर विचार कर रही है.

इस प्रस्ताव पर 7 अक्टूबर को होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक में चर्चा हो सकती है.

अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो GST से जुड़े मामलों में टैक्स अधिकारियों के पास सीधे गिरफ्तारी करने की मौजूदा शक्ति खत्म हो सकती है.

इसके लिए GST कानून में संशोधन करना होगा और सरकार इसे आगामी शीतकालीन सत्र में संसद के सामने ला सकती है.

अभी GST अधिकारियों के पास क्या अधिकार हैं?

मौजूदा GST कानून के तहत गंभीर टैक्स अपराधों के मामलों में गिरफ्तारी का प्रावधान है.

खासकर फर्जी बिल बनाना, गलत तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट लेना और जानबूझकर टैक्स चोरी जैसे मामलों में कार्रवाई हो सकती है. CGST Act की धारा 69 के तहत कमिश्नर को गिरफ्तारी की मंजूरी देने का अधिकार है.

इसके लिए अधिकारी के पास ये मानने का पर्याप्त आधार होना चाहिए कि व्यक्ति ने गंभीर GST अपराध किया है.

सरकार ने 2022 में गिरफ्तारी और जमानत को लेकर अधिकारियों के लिए दिशानिर्देश भी जारी किए थे.

इनमें कहा गया था कि सिर्फ इसलिए गिरफ्तारी नहीं होनी चाहिए क्योंकि कानून में इसकी अनुमति है.

गिरफ्तारी के लिए मामले की गंभीरता और व्यक्ति की भूमिका समेत दूसरे पहलुओं को देखना जरूरी है.

अब क्यों हो रहा है बदलाव पर विचार?

इस बदलाव के पीछे सबसे बड़ी वजह टैक्स अधिकारियों के अधिकारों के गलत इस्तेमाल की शिकायतें बताई जा रही हैं.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक केंद्र और राज्य सरकारों के बीच पिछले करीब 8-9 महीनों से इस मुद्दे पर चर्चा चल रही है.

कारोबारियों और कंपनियों की तरफ से GST जांच और गिरफ्तारी को लेकर चिंताएं जताई जाती रही हैं.

खासकर कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों की गिरफ्तारी को लेकर उद्योग जगत में सवाल उठते रहे हैं.

सरकार अब GST सिस्टम में ऐसा बदलाव चाहती है जि

📡 स्रोत: ABP Live Vyapar

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🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

GST में बदलाव से टैक्स चोरी पर गिरफ्तारी की शक्ति घटने की संभावना है, परंतु इससे समाज में विश्वास और जवाबदेही की भावना को बढ़ावा मिल सकता है। यदि अधिकारी सीधे गिरफ्तारी नहीं कर पाए, तो नागरिकों को अपने अधिकारों के लिए कानूनी मार्ग अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। इस बदलाव से हमें यह सिखने को मिलेगा कि कानून के प्रति सम्मान और पारदर्शिता ही वास्तविक न्याय और सामाजिक समरसता की कुंजी हैं।

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