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गूगल बच्चों से जुड़े यौन शोषण मामलों की जानकारी देगा:रिपोर्ट सीधे भारत सरकार को भेजी जाएगी; पहले अमेरिकी संस्था को भेजी जाती थी

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 22 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
गूगल बच्चों से जुड़े यौन शोषण मामलों की जानकारी देगा:रिपोर्ट सीधे भारत सरकार को भेजी जाएगी; पहले अमेरिकी संस्था को भेजी जाती थी

गूगल ने भारत से जुड़ी ऑनलाइन बाल यौन शोषण मामलों की जानकारी सीधे भारतीय एजेंसियों को देने पर सहमति जताई है। अब ऐसे मामलों की सूचना पहले अमेरिका की संस्था नेशनल सेंटर फॉर मिसिंग एंड एक्सप्लॉइटेड चिल्ड्रन को भेजने की जरूरत नहीं होगी। इससे भारतीय पुलिस को खतरे में फंसे बच्चों तक जल्दी पहुंचने में मदद मिल सकती है।

गूगल के प्रवक्ता ने सोमवार को कहा कि कंपनी बाल यौन शोषण का पता लगाने, उसे रोकने, हटाने और रिपोर्ट करने के लिए काफी निवेश करती है। भारत ने बड़ी टेक कंपनियों को रिपोर्टिंग तेज करने को कहा था भारत सरकार ने बड़ी टेक कंपनियों से बच्चों से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री की रिपोर्टिंग तेज करने को कहा था।

खासकर उन मामलों में, जहां किसी बच्चे पर तत्काल खतरा हो सकता है। भारतीय अधिकारियों का कहना था कि अमेरिका स्थित संस्था के जरिए रिपोर्ट भेजने में देरी होती है। इससे खासकर उस समय परेशानी बढ़ती है, जब किसी बच्चे को तत्काल खतरा हो और पुलिस को तुरंत कार्रवाई करनी हो। मेटा ने भी बदली रिपोर्टिंग व्यवस्था यह फैसला मेटा की पिछले सप्ताह की घोषणा के बाद आया है।

मेटा ने भी भारत में बाल यौन शोषण से जुड़े मामलों की जानकारी सीधे संबंधित भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों को देने पर सहमति जताई थी। सरकारी सूत्रों ने उस समय कहा था, “भारत में किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के संचालन के लिए बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा बुनियादी सिद्धांत है। इस पर कोई समझौता नहीं होगा।” BBC रिपोर्ट- Meta पर सस्ते में मिल रहा यौन शोषण से जुड़ा कंटेंट 2025 में 2.13 करोड़ से ज्यादा रिपोर्ट मिलीं बाल यौन शोषण सामग्री दुनियाभर में बढ़ती चिंता बनी हुई है।

नेशनल सेंटर फॉर मिसिंग एंड एक्सप्लॉइटेड चिल्ड्रन की साइबरटिपलाइन को 2025 में दुनियाभर से बच्चों के संभावित यौन शोषण से जुड़ी 2.13 करोड़ से ज्यादा रिपोर्ट मिलीं। अमेरिका, यूरोपीय संघ और अन्य क्षेत्रों के अधिकारियों ने प्लेटफॉर्म्स से सामग्री का पता लगाने और रिपोर्टिंग तेज करने को कहा है।

इसके बावजूद, ज्यादातर देशों में अमेरिकी गैर-लाभकारी संस्था ऐसी रिपोर्ट्स के लिए मुख्य सूचना केंद्र बनी हुई है। भारत की पहल का लक्ष्य सीधे रिपोर्टिंग चैनल बनाना है। इससे भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियां विदेशी मध्यस्थ के जरिए सूचना पहुंचने का इंतजार किए बिना कार्रवाई कर सकेंगी। भास्कर नॉलेज: भा

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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💡 पृष्ठभूमि (Background)

गूगल ने भारत में बाल यौन शोषण के ऑनलाइन मामलों की रिपोर्ट सीधे भारतीय एजेंसियों को भेजने पर सहमति जताई है, जिससे पहले अमेरिका की संस्था को भेजने की आवश्यकता नहीं रहेगी। यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे भारतीय पुलिस को खतरे में फंसे बच्चों तक पहुँचने में तेज़ी और प्रभावशीलता मिलेगी। जनता के लिए इसका मतलब है कि बाल शोषण के मामलों की जाँच और रोकथाम में तेजी आएगी, जिससे बच्चों की सुरक्षा बढ़ेगी और ऑनलाइन अपराधों पर कड़ी कार्रवाई संभव होगी।

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