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गुजरात बीजेपी राज्यसभा सांसद को हाईकोर्ट का समन:राजेश शुक्ल पर नामांकन-पत्र में आपराधिक मुकदमा छिपाने का आरोप

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 2 अक्टूबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
गुजरात बीजेपी राज्यसभा सांसद को हाईकोर्ट का समन:राजेश शुक्ल पर नामांकन-पत्र में आपराधिक मुकदमा छिपाने का आरोप

गुजरात हाईकोर्ट ने शुक्रवार को बीजेपी के राज्यसभा सांसद राजेश शुक्ल को समन जारी किया है। दरअसल, कांग्रेस नेता तुषार चौधरी ने आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाने के आरोप में शुक्ला के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। अदालत में याचिकाकर्ता की ओर से एआईसीसी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सीनियर एडवोकेट शक्तिसिंह गोहिल और उनके सहयोगी चिंतनभाई चंपानेरी ने इस मामले की जोरदार पैरवी की।

गोहिल के मुताबिक, राजेशभाई ने अपने नामांकन के दौरान हलफनामे में आधिकारिक रूप से यह दावा किया था कि उनके खिलाफ कोई भी आपराधिक मामला लंबित नहीं है। जबकि वास्तविकता में उन पर धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़ी आईपीसी की धारा 406, 420, 465, 467, 468 और 471 के तहत मामले दर्ज थे। हालांकि, राजू शुक्ल ने दैनिक भास्कर से हुई बातचीत में बताया कि उन्हें अभी तक कोई नोटिस नहीं मिला है।

याचिकाकर्ता के वकील गोहिल ने कोर्ट में कहा- इन आपराधिक मामलों में शुक्ल को निचली अदालत द्वारा तलब भी किया जा चुका था। सांसद ने एफआईआर रद्द कराने के लिए हाईकोर्ट में भी याचिका लगाई थी, लेकिन वहां से उन्हें कोई रिलीफ या स्टे नहीं मिला था। इन सब तथ्यों को जानते हुए भी उन्होंने चुनाव आयोग से यह जानकारी पूरी तरह छिपाई, जिसके आधार पर अब उनका निर्वाचन रद्द कर देना चाहिए। गोहिल ने एक वीडियो बयान जारी कर गुजरात हाईकोर्ट का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून सभी के लिए समान है और हर प्रत्याशी के लिए अपने खिलाफ लंबित मुकदमों की जानकारी देना कानूनी रूप से अनिवार्य है।

गोहिल ने मध्य प्रदेश के हालिया चुनावों का संदर्भ देते हुए बताया कि वहां तकनीकी आधार पर कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन तुरंत रद्द कर दिया गया था। इसी समानता और तकनीकी पहलुओं की गहराई से जांच करने के बाद कांग्रेस की ओर से इलेक्शन पिटीशन (3/2026) हाईकोर्ट में दाखिल की गई। अदालत ने बुधवार को इस मामले पर विस्तार से सुनवाई की थी और आज सांसद को विधिवत समन (नोटिस) जारी कर दिया है। शक्तिसिंह गोहिल ने कहा कि चूंकि यह मामला अभी अदालत के विचाराधीन है, इसलिए वह इस विषय पर कोई अतिरिक्त टिप्पणी नहीं करेंगे, लेकिन कोर्ट के इस कदम से न्याय की उम्मीद जगी है।

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📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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💡 पृष्ठभूमि (Background)

गुजरात हाईकोर्ट ने बीजेपी के राज्यसभा सांसद राजेश शुक्ल को समन जारी किया है, क्योंकि कांग्रेस नेता तुषार चौधरी ने शुक्ला के नामांकन-पत्र में आपराधिक मुकदमे के विवरण छिपाने का आरोप लगाया। यह मामला राजनीतिक पारदर्शिता और चुनावी दायित्वों पर प्रकाश डालता है। समन के जारी होने से यह स्पष्ट होता है कि चुनाव आयोग और न्यायालय दोनों ही उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि की जांच में सख्त हैं। जनता के लिए इसका मतलब है कि चुनावी प्रक्रिया में जवाबदेही बढ़ेगी और नागरिकों को उम्मीदवारों के बारे में सटीक जानकारी मिलने क

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