गुजरात: एकता नगर में 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार आयोजन, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने वितरित किए पुरष्कार
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु गुजरात के एकता नगर में 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान कर रही हैं। 1954 में स्थापित ये पुरस्कार भारत के सर्वोच्च सिनेमाई सम्मान हैं, जो विभिन्न श्रेणियों, फीचर फिल्म, गैर-फीचर फिल्म और सिनेमा लेखन में कलात्मक और तकनीकी उत्कृष्टता को मान्यता देते हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सूचना तथा प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सभी पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी। इसके साथ ही मत्री ने तकनीशियनों, छायाकारों और पर्दे के पीछे काम करने वाले अन्य सदस्यों के योगदान को भी सराहा। उन्होंने 2024 के दादासाहेब फाल्के पुरस्कार विजेता अनंत नाग को भी बधाई दी और फिल्म जगत में पांच दशकों से अधिक के उनके योगदान की सराहना की।
श्री वैष्णव ने कहा कि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों को विभिन्न पर्यटन स्थलों पर ले जाने का विचार भारत की जी20 अध्यक्षता से प्रेरित है। इस दौरान देश भर के 60 से अधिक शहरों में 200 से अधिक बैठकें आयोजित की गईं थीं। श्री वैष्णव ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अपने-अपने क्षेत्रों में एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल की पहचान करने के लिए आमंत्रित किया ताकि वे राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के भावी संस्करण की मेजबानी कर सकें।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
72वाँ राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार गुजरात के एकता नगर में द्रौपदी मुर्मु राष्ट्रपति द्वारा वितरित किया गया, जो भारत के सिनेमा का सबसे प्रतिष्ठित सम्मान है। यह पुरस्कार 1954 से हर वर्ष दिया जा रहा है, जो फीचर, गैर‑फीचर और लेखन में उत्कृष्टता को मान्यता देता है। इस कार्यक्रम का महत्व इसलिए है क्योंकि यह देश के सांस्कृतिक और कलात्मक योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर उजागर करता है, और फिल्म उद्योग के नवाचार को प्रोत्साहित करता है। आम जनता के लिए यह प्रेरणादायक है, क्योंकि यह साक्षरता, कहानी कहने और तकनीकी कौश