गुजरात में 8 घंटे बिजली कटौती, उद्योगों को हर हफ्ते 300 करोड़ का नुकसान
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
गुजरात में दीवाली की तैयारियों के बीच औद्योगिक क्षेत्र के सामने बिजली संकट बड़ी चुनौती बनकर उभरा है.
त्योहार के दौरान बाजारों में कपड़ों और अन्य सामान की मांग बढ़ जाती है, जिससे फैक्ट्रियों में उत्पादन तेज करना जरूरी होता है.
बिजली आपूर्ति में कटौती के कारण उद्योगों की काम करने की रफ्तार प्रभावित हो रही है.
इसका असर कारोबार, समय पर ऑर्डर की डिलीवरी और हजारों कर्मचारियों की कमाई पर पड़ने की आशंका है.
कपड़ा उद्योग को हर सप्ताह 300 करोड़ की चोट
बिजली संकट का सबसे गंभीर असर गुजरात के कपड़ा कारोबार पर पड़ रहा है.
रिपोर्ट के अनुसार, इस क्षेत्र को हर सप्ताह लगभग 300 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है.
उत्पादन रुकने या धीमा होने से कंपनियों के लिए निर्धारित समय पर माल तैयार करना मुश्किल हो सकता है.
दीवाली से पहले कपड़ों की मांग बढ़ने के कारण कारोबारियों को समय पर ऑर्डर भेजना जरूरी होता है.
ऐसे में बिजली की अनुपलब्धता से उत्पादन, पैकिंग और माल की सप्लाई प्रभावित हो सकती है.
यदि सामान की डिलीवरी में देरी होती है, तो कारोबारियों को भुगतान मिलने में भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.
गुजरात में क्यों की जा रही है बिजली कटौती?
रिपोर्ट के मुताबिक, गुजरात में उद्योगों को हर सप्ताह आठ घंटे की बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है.
यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब दीवाली से पहले कंपनियों पर ऑर्डर पूरे करने का दबाव है.
राज्य में बिजली की मांग बढ़ने के कारण आपूर्ति को संभालने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है.
16 अक्टूबर को गुजरात में बिजली की मांग बढ़कर 29,822 मेगावाट के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी.
नवरात्रि के दौरान बढ़ी खपत, औद्योगिक गतिविधियों में तेजी और दीवाली से पहले की तैयारियों को इसके प्रमुख कारणों में गिना गया है.
गुजरात को पारंपरिक रूप से बिजली की अधिक उपलब्धता वाले राज्यों में माना जाता रहा है, इसलिए मौजूदा संकट उद्योगों के लिए विशेष चिंता का विष
📡 स्रोत: ABP Live Vyapar