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गुजरात में जहरीली शराब से दो दिन में 8 मौतें:5 की हालत गंभीर, एक ब्रेन डेड; 25 लोगों का इलाज जारी

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 21 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
गुजरात में जहरीली शराब से दो दिन में 8 मौतें:5 की हालत गंभीर, एक ब्रेन डेड; 25 लोगों का इलाज जारी

शराबबंदी वाले गुजरात में नकली शराब से अब तक 9 लोगों की जान जा चुकी है। वहीं, शुक्रवार को सूरत में रहने वाले संजयसिंह डोडिया नाम के एक युवक को ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया। इस युवक ने भी 16 अगस्त की रात को भावनगर में शराब पार्टी की थी। शराब पीने के बाद संजय रात को ही सूरत लौट आया था।

सुबह तक उसकी हालत बेहद नाजुक हो गई थी। उसे सूरत के आईएनएस अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। संजय पिछले तीन दिनों से वेंटिलेटर पर था।

गुरुवार की रात संजय को हार्ट अटैक आया और आज सुबह उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया। 25 अस्पतालों में भर्ती, 5 की हालत गंभीर भावनगर में अब भी 25 लोग अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं, इनमें 5 की हालत गंभीर है।

ऐसे में मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है। 16 अगस्त की रात पी थी शराब मामला 16 अगस्त की रात घोघा के खरकड़ी गांव से शुरू हुआ। यहां एक युवक ने पुलिस में भर्ती होने की खुशी में शराब पार्टी रखी थी। शराब घनश्याम नाम के एक तस्कर से ली गई थी। नकली शराब विदेशी बोतलों में भरी थी। पार्टी के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी।

कुछ लोगों की हालत इतनी तेजी से बिगड़ी कि उन्हें अस्पताल पहुंचाने का भी वक्त नहीं मिला। भावनगर के तीन युवकों ने घरों में उल्टी करते-करते ही दम तोड़ दिया था। स्थानीय लोगों का दावा है कि यही शराब कई गांवों तक पहुंची है। अगले दिन दूसरे इलाकों से भी ऐसे मामले सामने आए।

शराब बनाने वाले की भी मौत, अब तक 15 अरेस्ट गुजरात पुलिस ने इस मामले में अब तक 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें 13 भावनगर के रहने वाले हैं। ये सभी अवैध शराब तस्करी से जुड़े हुए हैं। वहीं, शराब कांड के मुख्य आरोपी रईस और जुबैर मध्यप्रदेश के उज्जैन के रहने वाले हैं। इन दिनों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।

मुरैना का रहने वाला था नकली शराब बनाने वाला जांच के दौरान मुरैना निवासी नरेंद्र यादव उर्फ 'डॉक्टर' की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, रईस ने ही नरेंद्र यादव को अवैध शराब बनाने गुजरात बुलाया था। दोनों भावनगर के स्थानीय शराब तस्कर गौतम सोलंकी के साथ मिलकर शराब बना रहे थे।

शराबकांड के तीन दिन पहले ही नरेंद्र और उसके साथियों ने जहरीली शराब की 25 पेटियां तैयार की थीं। यही शराब पीने की वजह से लोगों की जान गई। विडंबना यह रही कि खुद नरेंद्र ने भी यही शराब पी थी, जिससे उसकी भी मौत हो च

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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