गुरु जीवन को सही दिशा दिखाता है, जीवन लोककल्याण में लगाएं: भंवरदान चारण

सीकर में पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय में व्यास पूजा उत्सव-2026 का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता भंवरदान चारण ने विद्यार्थियों में संस्कार, ‘स्व’ का भाव और नागरिक शिष्टाचार विकसित करने पर जोर दिया।
सीकर, 18 अगस्त। पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय में भारतीय शिक्षण मंडल, जयपुर प्रांत की ओर से व्यास पूजा उत्सव समारोह-2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षकों, विद्यार्थियों और भारतीय शिक्षण मंडल से जुड़े कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता चिंतक एवं शिक्षाविद भंवरदान चारण ने गुरु की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु व्यक्ति को जीवन में सही दिशा दिखाता है। गुरु के मार्गदर्शन से विद्यार्थी अपने जीवन के उद्देश्य को समझने के साथ समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का भी निर्वहन कर सकता है।
उन्होंने कहा कि मानव जीवन केवल व्यक्तिगत हितों के लिए नहीं है, बल्कि इसे समाज और राष्ट्र के कल्याण के लिए समर्पित करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से जीवन में लोककल्याण की भावना विकसित करने और अपने कार्यों के माध्यम से समाज के प्रति सकारात्मक योगदान देने का आह्वान किया।
भंवरदान चारण ने विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ विद्यार्थियों में संस्कार, ‘स्व’ का भाव और नागरिक शिष्टाचार विकसित होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि संस्कारयुक्त और जिम्मेदार नागरिक ही समाज और राष्ट्र को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. आर.सी. मीना ने की। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षक, विद्यार्थी तथा भारतीय शिक्षण मंडल के कार्यकर्ता मौजूद रहे।
व्यास पूजा उत्सव के माध्यम से गुरु-शिष्य परंपरा और भारतीय शिक्षा व्यवस्था में गुरु के महत्व को रेखांकित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का संदेश दिया गया।