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गुवाहाटी यूनिवर्सिटी में विकास परियोजनाओं का शिलान्यास

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 7 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
गुवाहाटी यूनिवर्सिटी में विकास परियोजनाओं का शिलान्यास

सितंबर 07, नई दिल्ली: उप-राष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने आज गुवाहाटी यूनिवर्सिटी में ₹110 करोड़ की लागत वाली इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इन परियोजनाओं में नई मल्टी-डिसिप्लिनरी एकेडमिक बिल्डिंग, छात्रों और इंटरनेशनल स्टूडेंट्स के लिए नया हॉस्टल, ऑडिटोरियम और लाइब्रेरी से जुड़े काम शामिल हैं।सभा को संबोधित करते हुए सी.

पी. राधाकृष्णन ने गुवाहाटी यूनिवर्सिटी के ऐतिहासिक महत्व पर बात की। उन्होंने बताया कि लंबे जन-आंदोलन के बाद 26 जनवरी 1948 को पूर्वोत्तर भारत की पहली यूनिवर्सिटी के तौर पर इसकी स्थापना हुई थी। इस आंदोलन का नेतृत्व भारत रत्न गोपीनाथ बोरदोलोई जैसे प्रमुख नेताओं ने किया था।उन्होंने कहा कि गुवाहाटी यूनिवर्सिटी आज इस क्षेत्र के प्रमुख संस्थानों में शामिल है।

यूनिवर्सिटी को NAAC A+ एक्रेडिटेशन मिला है और NIRF 2025 में राज्य की पब्लिक यूनिवर्सिटीज में इसे 9वीं रैंक मिली है।भाषाई विरासत को बचाने के प्रयासों की तारीफसी. पी. राधाकृष्णन ने भारत की भाषाई विरासत को बचाने के लिए यूनिवर्सिटी के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि भाषा किसी सभ्यता की यादों, ज्ञान और पहचान को संभालकर रखती है।उन्होंने असमिया और तमिल साहित्यिक कृतियों के एक-दूसरे की भाषा में अनुवाद का स्वागत किया।

साथ ही, असम और तमिलनाडु के बीच ज्यादा एकेडमिक और साहित्यिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने कहा कि भारत की भाषाई विविधता उसकी सांस्कृतिक एकता को और मजबूत करती है।सी. पी. राधाकृष्णन ने ब्रह्मपुत्र बेसिन, लुप्तप्राय भाषाओं, बहुभाषावाद, महिला अध्ययन, पर्यावरणीय स्थिरता और भारतीय ज्ञान प्रणालियों पर यूनिवर्सिटी में हो रहे शोध की भी सराहना की।उन्होंने ब्रह्मपुत्र को पारिस्थितिक, आर्थिक और सभ्यतागत शक्ति बताया।

साथ ही, क्षेत्रीय और राष्ट्रीय चुनौतियों का समाधान करने वाले शोध के महत्व पर जोर दिया।उच्च शिक्षा में विस्तार का जिक्र2014 के बाद भारत के उच्च शिक्षा इकोसिस्टम के विस्तार का जिक्र करते हुए सी. पी. राधाकृष्णन ने देशभर में शिक्षा के अवसर बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की तारीफ की।उन्होंने नए IIT, IIM, IIIT, केंद्रीय विश्वविद्यालयों, AIIMS और अन्य संस्थानों की स्थापना का उल्लेख किया।

उन्होंने उच्च शिक्षा में महिलाओं के नामांकन में 42.2 प्रतिशत की वृद्धि की भी जानकारी दी। यह संख्या 2014-15 में 1.57 करोड़ से बढ़कर 2023-24 में 2.24 करोड़ हो गई है।उन्होंने महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और शैक्षणिक उपलब्धियों को सशक्तिकरण का अहम संकेतक बताया।उप-राष्ट्रपति ने मुख्यमंत्री डॉ.

हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में असम के विकास की भी तारीफ की। उन्होंने इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी, शिक्षा, निवेश और रोजगार के क्षेत्रों में हुई प्रगति का जिक्र किया।उन्होंने राज्य में शिक्षा के बेहतर प्रदर्शन, IIM गुवाहाटी में MBA के पहले बैच की शुरुआत और 2021 से अब तक मेरिट के आधार पर 1.64 लाख से ज्यादा सरकारी नियुक्तियों का भी उल्लेख किया।युवाओं से 'विकसित भारत @2047' में योगदान की अपीलसी.

पी. राधाकृष्णन ने छात्रों और विद्वानों से 'विकसित भारत @2047' में योगदान देने की अपील की। उन्होंने युवाओं से बड़े सपने देखने, समुदाय की समस्याओं का समाधान करने के लिए रिसर्च करने और यह सुनिश्चित करने को कहा कि टेक्नोलॉजी मानवता की सेवा करे।उन्होंने इनोवेशन को समावेशी विकास का जरिया बनाने पर भी जोर दिया।

स्वामी विवेकानंद को कोट करते हुए उन्होंने युवाओं से कहा, "जागो, उठो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए।"दो किताबें जारी कींइस मौके पर सी. पी. राधाकृष्णन ने अंकुरन दत्ता और नानी गोपाल महंता द्वारा एडिट की गई किताब 'भूपेन हज़ारिका: हंड्रेड इयर्स ऑफ़ ए वांडरिंग सॉन्ग्स' और 'चंद्रकांत अभिधान' का 5वां संशोधित और विस्तृत संस्करण जारी किया।उप-राष्ट्रपति ने गुवाहाटी यूनिवर्सिटी के छात्रों की ओर से पेश सांस्कृतिक कार्यक्रम भी देखा।

इसमें असम की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिली।उन्होंने छात्रों और अन्य प्रतिभागियों को "नशे को ना" (No to Drugs) की शपथ भी दिलाई। साथ ही युवाओं से नशीले पदार्थों से दूर रहने, आत्म-अनुशासन बनाए रखने, समय का सही इस्तेमाल करने और सोशल मीडिया के ज्यादा इस्तेमाल को सीमित करने की अपील की।

(Source: Vice President's Secretariat)

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।