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ग्वालियर : जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक आयोजित

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 12 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
ग्वालियर : जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक आयोजित

जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक सोमवार को न्यू कलेक्ट्रेट के सभागार में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत ग्वालियर श्री सोजान सिंह रावत की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में बाल संरक्षण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए भिक्षावृत्ति एवं बाल श्रम की रोकथाम, बाल विवाह उन्मूलन, बाल देखरेख संस्थाओं के निरीक्षण तथा जरूरतमंद बच्चों के संरक्षण एवं पुनर्वास पर चर्चा की गई।

बैठक में भिक्षावृत्ति में संलिप्त बच्चों की पहचान कर उनका समुचित पुनर्वास सुनिश्चित करने तथा आगामी मेले में बाल श्रम एवं भिक्षावृत्ति की रोकथाम के लिए प्रभावी अभियान चलाने पर जोर दिया गया। साथ ही बाल देखरेख संस्थाओं में बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं शिक्षा संबंधी व्यवस्थाओं का नियमानुसार निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए।

बाल विवाह की रोकथाम एवं बालिकाओं के सशक्तीकरण के लिए जागरूकता कार्यक्रमों में स्वयंसेवी संस्थाओं की सहभागिता बढ़ाने तथा मानसिक दिव्यांग बच्चों के लिए बेहतर देखभाल एवं पुनर्वास सुविधाएं विकसित करने पर भी चर्चा हुई। बैठक में पॉक्सो प्रकरणों में बच्चों को सहायता उपलब्ध कराने के लिए सपोर्ट पर्सन की कमी तथा विशेष किशोर पुलिस इकाई से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने का मुद्दा उठाया गया।

इसके अतिरिक्त कॉलेज स्तर पर जागरूकता गतिविधियों एवं आरटीओ लाइसेंस प्रक्रिया को अधिक सुलभ बनाने पर भी चर्चा की गई। बैठक में संयुक्त कलेक्टर श्रीमती संघमित्रा गौतम, महिला एवं बाल विकास विभाग से श्रीमती उपासना राय, जिला कार्यक्रम अधिकारी, सहायक संचालक श्री राहुल पाठक, नगर निगम के अपर आयुक्त श्री मुनीष सिंह, श्रम पदाधिकारी श्री आशीष तिवारी सहित बाल कल्याण समिति के सदस्य, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि एवं बाल देखरेख संस्थाओं के प्रबंधक उपस्थित रहे।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

ग्वालियर जिले में बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक से यह स्पष्ट होता है कि स्थानीय प्रशासन बाल संरक्षण के लिए सक्रिय कदम उठा रहा है। इस बैठक में भिक्षावृत्ति, बाल श्रम, बाल विवाह और बाल देखरेख संस्थाओं के निरीक्षण पर चर्चा हुई, जिससे बच्चों के अधिकारों की रक्षा के प्रयासों को सुदृढ़ किया गया। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दर्शाती है कि सरकार बच्चों के कल्याण के लिए ठोस नीतियाँ लागू कर रही है और समाज में बाल शोषण के खिलाफ जागरूकता बढ़ा रही है। आम जनता पर इसका असर यह होगा कि बच्चों को बेहतर

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

गुज़रे दिन की बैठक से यह स्पष्ट हुआ कि बाल संरक्षण सिर्फ एक नीति नहीं, बल्कि समाज की जिम्मेदारी है। हमें भिक्षावृत्ति, बाल श्रम और बाल विवाह जैसी समस्याओं के लिए कानूनी मार्ग, शिक्षा और जागरूकता को प्राथमिकता देनी चाहिए। बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिये हमें स्वयं को शिक्षित कर, समाज में सहानुभूति और समर्थन का माहौल बनाना होगा। इससे ही हम एक सुरक्षित, समान और उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ेंगे।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।