ग्वालियर: सीएम हेल्पलाइन के 100 दिन से अधिक लंबित प्रकरण 7 दिन में निपटाएं
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अनुकंपा नियुक्ति, पेंशन और छात्रवृत्ति के लंबित प्रकरणों का भी तत्परता से करें निराकरण
कलेक्टर रुचिका चौहान ने अंतरविभागीय समन्वय समिति की बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश
ग्वालियर। सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों के निराकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 100 दिन से अधिक समय से लंबित प्रकरणों का सात दिन के भीतर निराकरण करने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर रुचिका चौहान ने अंतरविभागीय समन्वय समिति की बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी अपर कलेक्टर अपने-अपने संबंधित विभागों की समीक्षा कर लंबित प्रकरणों का अभियान चलाकर निराकरण सुनिश्चित करें। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई प्रस्तावित करने के निर्देश भी दिए गए।
कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में सेवा-संकल्प अभियान, सेवा सेतु अभियान सहित शासन की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सोजान सिंह रावत, एडीएम सीबी प्रसाद, अपर कलेक्टर अनिल बनवारिया, अपर आयुक्त नगर निगम मुनीष सिकरवार सहित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने कहा कि 100 दिन से अधिक लंबित सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों के साथ नए दर्ज प्रकरणों का भी निर्धारित समय-सीमा में संतुष्टिपूर्ण निराकरण किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों के निराकरण में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में कलेक्टर ने अनुकंपा नियुक्ति, पेंशन और छात्रवृत्ति वितरण से संबंधित लंबित आवेदनों का भी तत्परता से निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय योजनाओं का क्रियान्वयन निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप सुनिश्चित करने को कहा।
ऋण योजनाओं की समीक्षा के दौरान विभागीय अधिकारियों को पात्र हितग्राहियों के प्रकरण तैयार कर बैंकों को भेजने तथा उनकी स्वीकृति के लिए लीड बैंक अधिकारी और संबंधित बैंक अधिकारियों से निरंतर समन्वय करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, संत रविदास स्वरोजगार योजना, डॉ. भीमराव अंबेडकर आर्थिक कल्याण योजना, टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना, बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक उद्यम योजना तथा मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक स्वरोजगार योजना की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप प्रकरण स्वीकृत कराने के निर्देश दिए।