विदेश

ग्वालियर : सफलता की कहानी- तरुण के खेत में अब सिर्फ फसल नहीं, बिजली भी उगेगी….

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 2 नवंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
ग्वालियर : सफलता की कहानी- तरुण के खेत में अब सिर्फ फसल नहीं, बिजली भी उगेगी….

सोचिए, जिस सूरज की तपिश से हम दिन में बचते हैं, वही अगले 25 साल तक आपकी तय कमाई का जरिया बन जाए तो फिर कहने ही क्या। ग्वालियर जिले की चीनौर तहसील के गाँव मऊछ में यह सपना हकीकत बन चुका है। युवा उद्यमी श्री तरुण राजपूत ने प्रधानमंत्री कुसुम-ए योजना से जुड़कर 2 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया है।

वे इस संयंत्र से उत्पादित ऊर्जा अगले 25 वर्षों तक 3.07 रुपये प्रति यूनिट की दर से बनवार में स्थित मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 33/11 केव्ही के विद्युत सब स्टेशन को बेचेंगे। कंपनी ने तरुण के साथ इस आशय का अनुबंध किया है। हर उद्यमी के सामने सबसे बड़ा सवाल होता है कि मेरी उपज बिकेगी कहाँ और किस दाम पर?

सरकार द्वारा किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से संचालित कुसुम-ए योजना इसी सवाल का जवाब देती है।

योजना के तहत हुए विद्युत क्रय अनुबंध के अनुसार श्री राजपूत के संयंत्र की बिजली अगले 25 वर्षों तक 3.07 रुपये प्रति यूनिट की दर से खरीदी जाएगी। यानी खरीदार तय, दाम तय और अवधि भी तय। मऊछ में बनी यह बिजली चीनौर तहसील के बनवार स्थित 33/11 केवी विद्युत उपकेन्द्र तक पहुँचेगी। जाहिर है स्थानीय स्तर पर बनी स्वच्छ और हरित ऊर्जा से क्षेत्र की बिजली जरूरतें पूरी होंगी।

भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से "प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाअभियान" (कुसुम) शुरू किया है। इसी अभियान के माध्यम से तरुण राजपूत अपने खेतों में बिजली पैदा करेंगे। तरुण राजपूत भावुक होकर कहते हैं कि मैंने कभी सोचा नहीं था कि अपने ही गाँव की धूप मेरी तकदीर बदल देगी।

यह प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी सोच और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा युवाओं को दिए जा रहे प्रोत्साहन की बदौलत ही संभव हुआ। सरकार ने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देकर मेरे जैसे युवाओं के लिये रोजगार के नए दरवाजे खोले हैं। इसके लिए मैं हृदय से प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के प्रति आभारी हूँ।

M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।