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H1N1 के बढ़ते मामलों पर ICMR का बड़ा बयान, जानिए क्या कहा?

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 25 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
H1N1 के बढ़ते मामलों पर ICMR का बड़ा बयान, जानिए क्या कहा?

भारत में H1N1 संक्रमण के मामले बढ़ रहे मामलों के बीच भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) का बड़ा बयान सामने आया है. ICMR महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने मंगलवार (25 अगस्त) को बताया कि केस बढ़ना मौसमी इंफ्लूएंजा के सामान्य चलन का हिस्सा है और वायरस के किसी नए वेरियंट की पहचान नहीं हुई है.

उन्होंने कहा कि लोगों को इससे घबराने की जरूरत नहीं है, ज्यादातर मामले गंभीर नहीं हैं और मरीज बिना किसी खास इलाज के अपने आप ठीक हो जाते हैं.

उन्होंने कहा, मौजूदा समय में फैल रहा H1N1 वायरस कोई नया या खतरनाक रूप नहीं है, बल्कि यह सामान्य मौसमी फ्लू जैसा ही है. इसके ज्यादातर संक्रमण गंभीर नहीं होते और मरीज अपने आप ठीक हो जाते हैं.

यह पीडीएम-09 का वही जाना-पहचाना स्वरूप है, जो 2009 की महामारी के समय से मौजूद है. बहल ने कहा कि जिसे हम आमतौर पर सर्दी-जुकाम कहते हैं, वह अक्सर इंफ्लूएंजा वायरस के चलते होता है और एच1एन1, इन्फ्लुएंजा-ए का एक प्रकार है. चिंता की बात नहीं - ICMR महानिदेशक

बहल ने कहा, 'चिंता की कोई बात नहीं है और यह पता लगाने के लिए हर व्यक्ति की जांच कराने की जरूरत नहीं है कि उसे किस प्रकार के वायरस की वजह से खांसी-जुकाम हुआ है.

हर वायरस का प्रकोप एक समय चरम पर पहुंचता है और उसके बाद मामलों में कमी आने लगती है और इस बात का सटीक अनुमान लगाना संभव नहीं है कि कोई प्रकोप कब चरम पर पहुंचेगा या उसमें कमी कब शुरू होगी. अगले कुछ सप्ताह में घट सकते हैं केस- बहल

हालांकि, उन्होंने अगेल कुछ हफ्तों में मामलों की संख्या घटने की उम्मीद जताई है. बहल ने कहा, फिलहाल इन्फ्लुएंजा-ए H1N1 सबसे ज्यादा पाया जा रहा है, जबकि H3N2 और इंफ्लूएंजा-बी विक्टोरिया के मामले भी सामने आ रहे हैं.

उन्होंने फ्लू, खांसी, जुकाम या बुखार से पीड़ित लोगों को पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेने, पौष्टिक भोजन करने और पर्याप्त आराम करने की सलाह

📡 स्रोत: ABP Live

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