हाई कोर्ट का अहम फैसला:रिटायरमेंट के बाद पेंशन से वसूली नहीं कर सकते
हाई कोर्ट की युगलपीठ ने स्पष्ट किया है कि रिटायरमेंट के सालों बाद वेतन विसंगति या गलत वेतनवृद्धि का हवाला देकर पेंशन से राशि की वसूली नहीं की जा सकती। कोर्ट ने राज्य सरकार की पुनर्विचार याचिकाएं भी खारिज कर दीं। मामला, भोपाल के सेवानिवृत्त सब इंस्पेक्टर रामराव भीमटे और रामायण सिंह तिवारी से जुड़ा है।
दोनों वर्ष 2017 में सेवानिवृत्त हुए थे। 26 सितंबर 2024 को डीआईजी भोपाल ने उनके सेवाकाल में दी गई वेतनवृद्धि को गलत बताते हुए अतिरिक्त राशि पेंशन से वसूलने का आदेश जारी किया था। -सुप्रीम कोर्ट तक गई सरकार नहीं मिली राहत सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने रिकवरी आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।
एकलपीठ और बाद में युगलपीठ ने उनके पक्ष में फैसला सुनाते हुए वसूली आदेश रद्द कर दिया। इसके बाद राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दायर की, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने 1 दिसंबर 2025 को हाई कोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।
इसके बाद राज्य सरकार ने दोबारा हाई कोर्ट में पुनर्विचार याचिकाएं दायर कीं। अब युगलपीठ ने दोनों पुनर्विचार याचिकाएं खारिज कर दी हैं। इसके साथ ही सेवानिवृत्त कर्मचारियों को इस मामले में राहत बरकरार रही। कर्मचारियों की ओर से अधिवक्ता अतुल कुमार राय ने पैरवी की।
📡 स्रोत: NewsData.io