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हैंडलूम-हैंडीक्राफ्ट उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने निर्यात संवर्धन कार्यशाला आयोजित

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 7 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
हैंडलूम-हैंडीक्राफ्ट उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने निर्यात संवर्धन कार्यशाला आयोजित

रायपुर, 7 अक्टूबर 2026

छत्तीसगढ़ के हैंडलूम, हैंडीक्राफ्ट और वस्त्र उद्योग से जुड़े उद्यमियों तथा संस्थाओं को निर्यात के लिए प्रोत्साहित करने और उनके उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने के उद्देश्य से आज रायपुर में निर्यात संवर्धन और डिजाइन विकास कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में हैंडलूम, हैंडीक्राफ्ट और वस्त्र उद्योग में निर्यात की संभावनाओं, वित्तीय सहायता, क्रेडिट गारंटी तथा पारंपरिक डिजाइनों को आधुनिक स्वरूप देने जैसे विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा जानकारी दी गई।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए हथकरघा संघ के अध्यक्ष भोजराज देवांगन ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कला, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने की आवश्यकता है।

वहीं, ग्रामोद्योग विभाग के सचिव राजेश सिंह राणा ने कहा कि छत्तीसगढ़ से स्थानीय हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों का लगभग सैंतालीस करोड़ रुपये का निर्यात हुआ है। आगामी तीन वर्षों में इसे बढ़ाकर सौ करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।