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हजारीबाग के युवा कलाकार टिंकू की अनूठी साधना, रंगीन रेत और मार्बल डस्ट से उकेरी मां दुर्गा की तस्वीर

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 16 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
हजारीबाग के युवा कलाकार टिंकू की अनूठी साधना, रंगीन रेत और मार्बल डस्ट से उकेरी मां दुर्गा की तस्वीर

हजारीबाग के युवा कलाकार टिंकू की अनूठी साधना, रंगीन रेत और मार्बल डस्ट से मां दुर्गा की तस्वीर, पांच दिनों की मेहनत से तैयार हुई आकर्षक कलाकृति, कला के जरिए मां दुर्गा की आराधना, देखने पहुंच रहे लोग।

Short Headline: हजारीबाग के युवा कलाकार टिंकू की अनूठी साधना, रंगीन रेत और मार्बल डस्ट से उकेरी मां दुर्गा की तस्वीर

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हजारीबाग के युवा कलाकार टिंकू की अनूठी साधना

रंगीन रेत और मार्बल डस्ट से मां दुर्गा की तस्वीर

पांच दिनों की मेहनत से तैयार हुई आकर्षक कलाकृति

कला के जरिए मां दुर्गा की आराधना, देखने पहुंच रहे लोग

एंकर नवरात्र के दौरान श्रद्धालु मां दुर्गा की भक्ति में लीन हैं और विभिन्न तरीके से आदिशक्ति की आराधना कर रहे हैं। हजारीबाग में 21 वर्षीय युवा कलाकार टिंकू ने अपनी कला को ही मां दुर्गा की साधना का माध्यम बनाया है। नूरा स्थित शिव मंदिर परिसर में टिंकू ने रंगीन रेत और मार्बल डस्ट से मां दुर्गा की आकर्षक तस्वीर तैयार की है, जिसे देखने के लिए दूर-दराज से लोग पहुंच रहे हैं।

होल्ड अप साउंड रिपोर्ट

वीओ 01 आस्था जब कला से मिलती है, तो एक खूबसूरत कलाकृति आकार लेती है। हजारीबाग के नूरा स्थित शिव मंदिर परिसर में कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है। यहां 21 वर्षीय युवा कलाकार टिंकू पिछले पांच दिनों से दिन-रात मेहनत कर मां दुर्गा की आकर्षक तस्वीर बनाने में जुटे हैं। रंगों और कलात्मक कल्पना के जरिए तैयार की गई यह तस्वीर लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

बाइट- टिंकू, युवा कलाकार

वीओ 02 इस कलाकृति को तैयार करने के लिए टिंकू ने रंगीन रेत और मार्बल डस्ट का इस्तेमाल किया है। अलग-अलग रंगों की डस्ट तैयार करने के बाद उन्होंने कल्पना को आकार देना शुरू किया। कलाकार के मन में पहले मां दुर्गा की तस्वीर की रूपरेखा बनी और फिर उसे जमीन पर कलाकृति के रूप में उकेरा गया।

बाइट- स्थानीय

अंतिम वीओ मां दुर्गा को शक्ति, विद्या और समृद्धि की प्रतीक के रूप में पूजा जाता है। युवा कलाकार टिंकू ने कला के जरिए देवी की आराधना कर यह संदेश दिया है कि भक्ति के लिए कोई एक तरीका जरूरी नहीं, बल्कि सच्ची श्रद्धा और समर्पण महत्वपूर्ण है। उनकी यह कलाकृति कला, आस्था और साधना के अनूठे संगम की मिसाल बन गई है।

हजारीबाग से गौरव प्रकाश की रिपोर्ट।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।