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हल्द्वानी शुद्धिकरण मामले में एडवोकेट की शिकायत पर पहली FIR:बोलीं- मैं मौके पर थी, ‘अल्लाह हू अकबर’ के नारे नहीं लगे, एडिटेड वीडियो फैलाए गए

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 13 सितंबर 2026 👁️ 4 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
हल्द्वानी शुद्धिकरण मामले में एडवोकेट की शिकायत पर पहली FIR:बोलीं- मैं मौके पर थी, ‘अल्लाह हू अकबर’ के नारे नहीं लगे, एडिटेड वीडियो फैलाए गए

हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद रामलीला मैदान में हुए कथित ‘शुद्धिकरण’ मामले में पुलिस ने पहली FIR दर्ज कर ली है। यह मुकदमा एडवोकेट अंजू की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ है। अंजू का आरोप है कि सोशल मीडिया पर एडिटेड वीडियो प्रसारित कर ‘अल्लाह हू अकबर’ जैसे भ्रामक शब्द जोड़े गए और एक खास धर्म व जाति को टारगेट करने की कोशिश की गई। पुलिस ने शिकायत पर BNS की धारा 196 और 299 तथा SC/ST एक्ट की धारा 3(1)(r) के तहत केस दर्ज किया है। मामले की जांच SP क्राइम डॉ.

जगदीश चंद्र को सौंपी गई है। SSP नैनीताल डॉ.

मंजुनाथ टीसी ने कहा कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर आगे नामजदगी की जाएगी। अब जानिए एडवोकेट ने क्या-क्या कहा… 1. ‘किसी जाति-धर्म को अपमानित करने से लेना-देना नहीं’ अंजू ने कहा कि उन्होंने किसी व्यक्ति, जाति या धर्म के खिलाफ अपमानजनक, भ्रामक या नफरत फैलाने वाली सामग्री की शिकायत नहीं की है।

उनका कहना है कि इस मामले को सामान्य बयानबाजी या राजनीतिक मुद्दा कहकर टालना नहीं चाहिए। शुद्धिकरण का मामला गंभीर था और इसके बाद सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक वीडियो एडिट करके डाले गए। 2. ‘एडिटिंग के जरिए सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश हुई’ अंजू ने कहा कि सोशल मीडिया पर एडिट किए गए वीडियो के जरिए ऐसी सामग्री प्रसारित की गई, जिससे सामाजिक सौहार्द बिगड़ने और लोगों के बीच सामाजिक मतभेद पैदा होने की स्थिति बनी।

उनके मुताबिक, वीडियो में ‘अल्लाह हू अकबर’ जैसे भ्रामक शब्द जोड़कर प्रसारित किए गए। उन्होंने कहा कि ऐसे वीडियो सबसे पहले प्रसारित करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। 3. ‘पर्टिकुलर धर्म में किसी व्यक्ति को टारगेट किया जा रहा था’ अंजू ने कहा कि सोशल मीडिया पर उन्होंने ऐसे वीडियो देखे, जिनसे एक पर्टिकुलर धर्म को टारगेट किया जा रहा था।

साथ ही जातिगत रूप में किसी व्यक्ति को निशाना बनाया जा रहा था। उनके मुताबिक, ऐसी सामग्री से सामाजिक सौहार्द और लोगों के बीच सामाजिक मतभेद की स्थिति पैदा हो रही थी। 4.

तहरीर 15 अगस्त को दी थी, 7 सितंबर को दर्ज हुई FIR अंजू ने बताया कि उन्होंने मामले में 15 अगस्त को तहरीर दी थी। इसके बाद 7 सितंबर को करीब 1:30 बजे FIR दर्ज हुई। उन्होंने कहा कि वह चाहती हैं कि पुल

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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💡 पृष्ठभूमि (Background)

हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद रामलीला मैदान में ‘शुद्धिकरण’ के आरोप में पुलिस ने पहली FIR दर्ज की। यह मुकदमा एडवोकेट अंजू की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ है, जिन पर सोशल मीडिया पर एडिटेड वीडियो फैलाने और ‘अल्लाह हू अकबर’ जैसे भ्रामक शब्द जोड़ने का आरोप है। यह विषय राजनीतिक गुटों के बीच बढ़ते तनाव और सोशल मीडिया के दुरुपयोग को उजागर करता है। खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे राजनीतिक वक्तव्य और धार्मिक भावनाओं के बीच सीमाएँ स्पष्ट हो सकती हैं। आम जनता पर इसका असर

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