'हमारा टारगेट चुनाव आयोग', इंडिया गठबंधन की बैठक से पहले गरजीं ममता बनर्जी
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तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी के प्रस्तावित इंडिया गठबंधन की बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंच चुकी हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें जो भी कहना है वो बैठक में कहेंगी.
टीएमसी चीफ ने कहा, 'हमारा टारगेट चुनाव आयोग है.
यह बैठक उस पूरी सॉफ्टवेयर टीम के खिलाफ है, जिसने लोगों को धोखा दिया और उनके साथ विश्वासघात किया है. जो कुछ भी कहना है, वह मैं कल कहूंगी.'
विपक्षी दलों के इंडी गठबंधन की 30 सितंबर को नई दिल्ली स्थित संविधान क्लब में अहम बैठक होगी.
बैठक का मुख्य एजेंडा मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संसद में हटाने का प्रस्ताव लाने की रणनीति तय करना और इसके लिए विपक्षी दलों के सांसदों के हस्ताक्षर जुटाना होगा. यह विपक्ष की तीसरी कोशिश होगी.
हाल ही में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर सामने आए आंतरिक मतभेदों की खबर के बाद विपक्ष ने इस मुद्दे को और तेज करने का फैसला किया है.
ममता की चुनाव आयोग से शिकायत
ममता बनर्जी के नेतृत्व वाला गुट ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस चुनाव आयोग (EC) पर पार्टी के संगठनात्मक नियंत्रण, नाम और चुनाव चिह्न को लेकर जारी उसकी सुनवाई में पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगा रहा है.
विवाद आयोग के सामने तब आया जब ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले एक समूह ने मौजूदा पार्टी संगठन के अधिकार को चुनौती दी और तृणमूल कांग्रेस पर नियंत्रण का दावा किया.
ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले पक्ष ने इस दावे को खारिज कर दिया है.
शुभेंदु अधिकारी का ममता बनर्जी पर आरोप
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी के इंडिया ब्लॉक की बैठक में शामिल होने को लेकर उन पर निशाना साधा.
उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी कथित तौर पर देशविरोधी ताकतों के साथ जुड़ र
📡 स्रोत: ABP Live
💡 पृष्ठभूमि (Background)
यह खबर ममता बनर्जी के दिल्ली पहुंचकर इंडिया गठबंधन की बैठक में शामिल होने की बात करती है। वे अपने प्रस्तावों को लेकर तैयार हैं और कहते हैं कि उन्हें जो कहना है वह बैठक में कहेंगी। यह विषय इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह विपक्ष के समन्वय को दर्शाता है और चुनाव आयोग को टारगेट करने की योजना पर प्रकाश डालता है। यदि गठबंधन सही ढंग से काम करता है तो चुनाव के दौरान वैध विरोध और नीति चर्चा बढ़ सकती है। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि चुनाव में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़े, जिससे मतदाताओं का विश्वास स