हमास के बाद इजरायली PM नेतन्याहू से मिले ट्रंप के दामाद कुशनर, गाजा को लेकर कह दी ये बात

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद और मध्य-पूर्व मामलों के दूत जेरेड कुशनर ने सोमवार को हमास चीफ खलील अल-हया से मुलाकात की. इसके बाद उन्होंने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ भी बैठक हुई. कुशनर की ये बैठक गाजा में शांति बहाली के लिए की गई. नेतन्याहू के साथ बैठक के बाद अमेरिकी दूत कुशनर ने कहा कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ लगभग चार घंटे चली बैठक में वॉशिंगटन ने काफी प्रगति की है. इस बैठक में गाजा के पुनर्निर्माण, विसैन्यीकरण और इजरायल की सुरक्षा चिंताओं पर चर्चा हुई. कुशनर और नेतन्याहू की बैठक में क्या हुई चर्चा? फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में कुशनर ने कहा कि बैठक के दौरान नेतन्याहू द्वारा उठाई गई कई चिंताओं पर बात की गई और प्रस्तावित योजना को लेकर फैली गलतफहमियों और गलत जानकारियों को भी दूर किया गया. कुशनर ने कहा, "आज हमारी बहुत अच्छी बैठक हुई. हम उनके और उनकी टीम के साथ लगभग चार घंटे तक रहे और सभी अलग-अलग विवरणों पर चर्चा की." अमेरिकी दूत ने बताया गाजा में कब शुरू होगा पुनर्निमाण? उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि उन्होंने कुछ सही चिंताएं जताई थीं जिनका हमने समाधान किया, और हमने उन गलतफहमियों और गलत जानकारियों को भी दूर किया जो इस बारे में फैली हुई थीं." कुशनर ने कहा कि अमेरिका गाजा के पुनर्निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन जब तक वहां से हथियार नहीं हटाए जाते, तब तक पुनर्निर्माण शुरू नहीं होने देगा. हम गाजा में पुनर्निमाण के लिए प्रतिबद्ध- कुशनर उन्होंने कहा, "हम गाजा के पुनर्निर्माण की योजना को लेकर बहुत प्रतिबद्ध हैं, लेकिन जब तक डिमिलिटराइजेशन नहीं हो जाता, हम गाजा का पुनर्निर्माण नहीं होने देंगे." कुशनर ने आगे कहा, "कोई भी ऐसी जगह पर और पैसा नहीं लगाना चाहता जहां लंबे समय से संघर्ष चल रहा हो, अगर उस जगह पर आतंकवादी कब्जा कर लें या उसे फिर से उड़ा दिया जाए." 'इजरायल के आत्मरक्षा के अधिकार को नहीं किया जा सकता सीमिति' अमेरिकी दूत ने यह भी कहा कि यह योजना किसी भी आने वाले खतरे के खिलाफ इजरायल के आत्मरक्षा के अधिकार को सीमित नहीं करेगी. उन्होंने आगे कहा, "अगर कोई खतरे की संभावना होती है तो हम इजरायल के आत्मरक्षा के अधिकार को भी सीमित नहीं करेंगे, और इसलिए हमें यह स्पष्ट करना पड़ा कि इसका क्या मतलब है. उन्होंने कहा कि 30 दिनों के भीतर प्रगति शुरू हो सकती है, जिसमें हथियार हटाने के प्रयास शामिल हैं, जबकि सुरंग नेटवर्क से निपटने का काम अगले 60 से 90 दिनों में हो सकता है. 30 दिनों के अंदर गाजा से हथियार हटाए जाने की जताई उम्मीद उन्होंने कहा, "उम्मीद है कि हमें जल्द ही, यानी 30 दिनों के अंदर ही, कुछ प्रगति देखने को मिल सकती है. जैसे कि कुछ हथियार हटाए जाने लगें, और अगले 60 से 90 दिनों में कुछ सुरंगों को भी बंद किया जा सके." इसके साथ ही कुशनर ने इस बात पर जोर दिया कि इस योजना को आगे बढ़ाने के लिए दोनों पक्षों के सहयोग की जरूरत होगी. उन्होंने कहा, "प्रगति जल्द ही हो सकती है, लेकिन हमें दोनों पक्षों के सहयोग की जरूरत है, और उम्मीद है कि हम इसे पूरा कर लेंगे. लेकिन यहां तक पहुंचने के लिए हमने काफी प्रगति की है." ये भी पढ़ें: ट्रंप को पीएम मोदी का मिला समर्थन, गाजा शांति समझौते को लेकर उठाया ये कदम ऐसे कम होगा इजरायल का खतरा उन्होंने इस प्रस्ताव को इजराइल के लिए एक संभावित "विन-विन सिचुएशन" (दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद स्थिति) बताया. उनका तर्क था कि अगर हमास अपनी मर्जी से हथियार और सुरंगें सौंप देता है, तो इससे देश के सामने मौजूद सुरक्षा का एक बड़ा खतरा खत्म हो जाएगा. कुशनर ने कहा, "हमें लगता है कि इजरायल के लिए यह एक 'विन-विन सिचुएशन' है, क्योंकि अगर हमास सच में अगले 60 से 90 दिनों में अपनी मर्जी से हथियार और सुरंगें सौंप देता है, तो जाहिर है कि इससे इजरायल के लिए सुरक्षा का एक बहुत बड़ा खतरा खत्म हो जाएगा, यह एक ऐसी उपलब्धि होगी जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती." ये भी पढ़ें: ट्रंप का गाजा प्लान फेल! इजरायल और हमास में होगा 'महायुद्ध'? डील के लिए राष्ट्रपति ने दामाद कुशनर को भेजा था मिस्र
📡 स्रोत: NewsData.io