हमीरपुर सड़क आंदोलन: हाईकोर्ट ने सरकार-अफसरों को नोटिस भेजा:बच्चों के प्रदर्शन पर खुद लिया संज्ञान, 24 अगस्त को अगली सुनवाई
हमीरपुर में सड़क की मांग को लेकर छात्र-छात्राओं के कलेक्ट्रेट घेराव मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है। मीडिया रिपोर्टों का संज्ञान लेते हुए मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अरुण भंसाली और जस्टिस क्षितिज शैलेन्द्र की खंडपीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार समेत संबंधित अधिकारियों और विभागों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 24 अगस्त को होगी। मामला 11 अगस्त का है। हमीरपुर मुख्यालय से करीब छह किलोमीटर दूर चंदूपुर ग्राम पंचायत के करीब आधा दर्जन मजरों के लगभग 200 छात्र-छात्राएं सड़क की मांग को लेकर तिरंगा लेकर पैदल कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। बरसात के बीच बच्चे दलदल और कीचड़ भरे रास्ते से गुजरकर अपने अभिभावकों के साथ जिलाधिकारी से सड़क बनवाने की फरियाद लेकर पहुंचे थे। पुलिस ने कार्यालय में जाने से रोका, परिसर में किया प्रदर्शन कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद बच्चों और उनके अभिभावकों ने जिलाधिकारी से मिलने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें कार्यालय के अंदर जाने से रोक दिया। इसके बाद बच्चों ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया और सड़क निर्माण की मांग उठाई। रिपोर्ट सामने आने के बाद हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान बच्चों के प्रदर्शन से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट सामने आने के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मामले का स्वत: संज्ञान लिया। सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने प्रदेश सरकार, जिलाधिकारी हमीरपुर, प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी हमीरपुर और वन विभाग को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। प्रदर्शन के अगले दिन गांव पहुंची प्रशासनिक टीम बच्चों के प्रदर्शन के बाद प्रशासन भी हरकत में आया। अगले ही दिन प्रशासनिक टीम चंदूपुर गांव पहुंची। बरसात में रास्ते पर कीचड़ और दलदल की समस्या को देखते हुए तत्काल रास्ता दुरुस्त कराने का काम शुरू कराया गया। वन विभाग की एनओसी के चलते अटका था 1600 मीटर रास्ता अपर जिलाधिकारी राजेश कुमार के मुताबिक, वन विभाग से एनओसी नहीं मिलने के कारण करीब 1600 मीटर सड़क का निर्माण अटका हुआ था। अब वन विभाग से एनओसी मिल गई है। सड़क को पक्का कराने के लिए करीब 1.81 करोड़ रुपये की कार्ययोजना शासन को भेजी गई है। प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। बच्चों के आंदोलन के बाद तेज हुई सड़क निर्माण की प्रक्रिया जिन बच्चों ने कीचड़ और दलदल भरे रास्ते से पैदल मार्च कर कलेक्ट्रेट पहुंचकर सड़क की मांग उठाई थी, उनके प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने निर्माण प्रक्रिया तेज कर दी। अब हाईकोर्ट के स्वत: संज्ञान और नोटिस के बाद मामले की अगली सुनवाई 24 अगस्त को होगी। इस सुनवाई में सरकार और संबंधित विभागों के जवाब पर सबकी नजर रहेगी।
📡 स्रोत: NewsData.io