'हनुमान अंश' के लिए डायरेक्टर ने किया इतना बड़ा त्याग, साढ़े 4 महीने सिर्फ फल खाए, फीस भी नहीं ली
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संत नीम करौली बाबा पर बेस्ड फिल्म 'हनुमान अंश' बॉक्स ऑफिस पर हर दिन कोई न कोई रिकॉर्ड कायम कर रही है.
फिल्म शुरुआती 15 दिनों में फ्लॉप होने की कगार पर थी, लेकिन अब ये ब्लॉकबस्टर हो चुकी है. फिल्म की कास्ट के साथ-साथ इसके डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी भी चर्चा में हैं.
अब उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया है कि फिल्म के लिए उन्होंने कोई फीस नहीं ली.
साथ ही उन्होंने ये खुलास भी किया कि फिल्म की रिलीज से पहले वो साढ़े चार महीने तक सिर्फ फल का सेवन करते थे.
'हनुमान अंश' के लिए विशाल ने नहीं ली फीस
हनुमान अंश का डायरेक्शन विशाल चतुर्वेदी ने किया और वो ही इसके प्रोड्यसूर भी हैं. जबकि इसकी कहानी भी उन्होंने ही लिखी. हालांकि विशाल ने फिल्म के लिए कोई फीस नहीं ली.
उन्होंने रौनक पॉडकास्ट पर बताया, 'मैंने फ़िल्म के लिए अपनी फीस नहीं ली. मैं इसका प्रोड्यूसर और डायरेक्टर भी हूं.'
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साढ़े चार महीने तक मैंने सिर्फ फल खाए
विशाल चतुर्वेदी ने ये भी बताया कि इस डिवोशनल ड्रामा फिल्म के लिए उन्होंने सेट पर पूरा माहौल बदल दिया था.
पूरी टीम हर दिन सेट पर हनुमान चालीसा पढ़ती थी और सेट पर खाने-पीने का माहौल भी पूरी तरह से वेजिटेरियन हुआ करता था.
उन्होंने कहा, 'हम रोज हनुमान चालीसा पढ़ते थे और सेट पर पूरा माहौल वेजिटेरियन होता था. मैंने फिल्म की रिलीज से पहले करीब साढ़े चार महीने तक सिर्फ फल खाए थे.'
100 करोड़ के करीब पहुंची 'हनुमान अंश'
इस डिवोशनल ड्रामा में शोभिनव सत्या बाबा नीम करौली के किरदार में नजर आ रहे हैं.
ये फिल्म 7 अगस्त को रिलीज हुई थी और इसने पहले दिन महज 10 लाख रुपये की कमाई की थी.
फिल्म की प
📡 स्रोत: ABP Live Film
💡 पृष्ठभूमि (Background)
यह खबर हनुमान अंश नामक फिल्म के डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी के बड़े त्याग और निःशुल्क कार्य के बारे में है। फिल्म की शुरुआत में यह फ़्लॉप के करीब थी, पर अब यह ब्लॉकबस्टर बन गई है, जिससे फ़िल्म उद्योग में आशा की किरण जगी है। यह घटना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाती है कि समर्पण और विश्वास से सफलता मिल सकती है, भले ही आर्थिक लाभ न हो। आम जनता पर इसका असर प्रेरणादायक हो सकता है, जिससे कलाकारों और फ़िल्म निर्माताओं में सामाजिक ज़िम्मेदारी और आत्म-विश्वास की भावना जागृत हो सकती है।