हापुड़ में ₹60 प्रति किलो बिकी चीनी:प्रशासन की सख्ती के बाद व्यापारियों ने लगाए विशेष स्टॉल
हापुड़। चीनी की बढ़ती कीमतों और जमाखोरी की शिकायतों के बीच हापुड़ प्रशासन की सख्ती का असर अब बाजार में दिखने लगा है। प्रशासन की पहल पर मंगलवार को चीनी व्यापारियों ने पक्का बाग मंडी में विशेष स्टॉल लगाकर फुटकर ग्राहकों को 60 रुपये प्रति किलो की दर से चीनी बेची।
यह कार्रवाई प्रशासन द्वारा चीनी व्यापारियों के प्रतिष्ठानों पर उपलब्ध स्टॉक के भौतिक सत्यापन के बाद की गई। मंगलवार को एसडीएम प्रेमपाल सिंह की निगरानी में प्रशासन की टीम ने पक्का बाग स्थित चीनी व्यापारियों के प्रतिष्ठानों का दौरा किया और स्टॉक की जांच की। इस दौरान मंडी निरीक्षक विकास पटेल भी मौजूद रहे।
स्टॉक सत्यापन के बाद प्रशासन ने चीनी व्यापारियों और व्यापारी सुरक्षा फोरम संस्थान हापुड़ के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में चीनी की कीमतों, उपलब्धता और उपभोक्ताओं को उचित दर पर चीनी उपलब्ध कराने के तरीकों पर चर्चा हुई।
व्यापारियों ने प्रशासन को सहयोग का आश्वासन दिया और फुटकर ग्राहकों को 60 रुपये प्रति किलो की दर से चीनी बेचने पर सहमति जताई। इसके बाद व्यापारी सुरक्षा फोरम संस्थान हापुड़ की पहल पर पक्का बाग मंडी में चीनी की फुटकर बिक्री के लिए विशेष स्टॉल लगाए गए।
ग्राहकों की सुविधा के लिए चीनी को एक-एक किलो के पैकेट में पैक कर 60 रुपये प्रति किलो की निर्धारित दर पर उपलब्ध कराया गया। हालांकि, इन स्टॉलों पर चीनी खरीदने पहुंचे ग्राहकों की संख्या व्यापारियों की उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। इसके बावजूद, निर्धारित दर पर चीनी बिक्री की यह पहल बाजार में चर्चा का विषय बनी रही।
व्यापारियों ने कहा कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए उपभोक्ताओं को उचित दर पर चीनी उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहे हैं। एसडीएम प्रेमपाल सिंह ने बताया कि चीनी व्यापारियों के स्टॉक का भौतिक सत्यापन कराया गया था और जांच के दौरान सभी स्टॉक सही पाए गए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन का उद्देश्य बाजार में चीनी की उपलब्धता बनाए रखना और उपभोक्ताओं को उचित दर पर चीनी उपलब्ध कराना है। प्रशासन की इस कार्रवाई से जमाखोरी और अवैध भंडारण करने वालों पर दबाव बढ़ने की उम्मीद है।
वहीं, बाजार में 60 रुपये प्रति किलो की दर पर चीनी उपलब्ध होने से उपभोक्ताओं को भी राहत मिलने की संभावना है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि प्रशासन की निगरानी लगातार जारी रहती है तो आने वाले दिनों में चीनी की कीमतों पर और नियंत्रण स्थापित हो सकता है।
📡 स्रोत: NewsData.io