हर किसी के पास है जीवन बचाने की शक्ति
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →भास्कर न्यूज | बक्सर विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर गुरुवार को सदर अस्पताल में कार्यक्रम हुआ। इसमें आत्महत्या रोकथाम पर चर्चा की गई। एनसीडीओ डॉ.
संजय कुमार ने कहा कि हममें से हर किसी के पास जीवन बचाने की शक्ति है, कभी-कभी केवल सुनकर, ध्यान देकर, या सही समय पर मदद का हाथ बढ़ाकर हम आत्महत्या को रोक सकते हैं। मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियां किसी को भी हो सकती हैं। चाहे उनकी उम्र कुछ भी हो, या किसी भी प्रकार के वर्ग से आते हों।
अक्सर लोग अकेले या इज्जत के कारण अपनी परेशानियों को चुपचाप सहते रहते हैं। मदद मांगने से डरते हैं। विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर, आइए हम एक साथ आएं और एक ऐसे समुदाय के निर्माण का संकल्प लें जहां किसी को भी अपने सबसे बुरे दौर का अकेले सामना न करना पड़े। बदलाव हम में से हर एक से शुरू होता है।
हम एक-दूसरे के लिए उपलब्ध रहने, बिना जज किए सुनने और जब भी किसी को मदद की आवश्यकता हो, तो अपनी आवाज़ उठाने की प्रतिज्ञा करें। उन्होंने सभी चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को आत्महत्या रोकथाम को लेकर शपथ दिलाई। इस मौके पर सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ.
अमलेश कुमार, डॉ.
ज्ञानरंजन समेत अन्य चिकित्सक और कर्मी थे। आत्महत्या रोकने की शपथ ली कार्यक्रम के दौरान आत्महत्या रोकने को लेकर चिकित्सकों और कर्मियों को शपथ दिलाई गई। डॉ.
शैलेन्द्र कुमार ने कहा कि विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस जागरुकता दिवस है जो हर साल 10 सितंबर को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य आत्महत्याएं रोकने के लिए वैश्विक प्रतिबद्धता और कार्रवाई सुनिश्चित करना है। 2003 से दुनिया भर में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। अंतरराष्ट्रीय आत्महत्या रोकथाम संघ (आईएएसपी) विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और विश्व मानसिक स्वास्थ्य संघ (डब्ल्यूएफएमएच) के साथ मिलकर विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस का आयोजन करता है।
📡 स्रोत: NewsData.io
🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत
हर किसी में जीवन बचाने की शक्ति है—सुनना, सहानुभूति, समय पर मदद। जब किसी को मानसिक संकट हो, तो बिना निर्णय के साथ खड़े हों, पेशेवर सहायता की ओर मार्गदर्शन करें। संघर्षों को खुली बातचीत, मध्यस्थता, और कानूनी मार्ग से सुलझाएँ। समाज को यह याद दिलाएँ कि सहानुभूति और समर्थन से जीवन बदल सकता है। हम सब मिलकर एक ऐसा माहौल बना सकते हैं जहाँ हर आवाज़ सुनी जाए और हर दिल को शांति मिले।