राजनीति

हरदीप सिंह पुरी की राज्यसभा उम्मीदवारी पर जीतू पटवारी ने भाजपा को घेरा, एपस्टीन प्रकरण के बावजूद मध्यप्रदेश से राज्यसभा भेजने पर भाजपा की नैतिकता पर उठाए सवाल

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 30 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
हरदीप सिंह पुरी की राज्यसभा उम्मीदवारी पर जीतू पटवारी ने भाजपा को घेरा, एपस्टीन प्रकरण के बावजूद मध्यप्रदेश से राज्यसभा भेजने पर भाजपा की नैतिकता पर उठाए सवाल

भोपाल, 30 अक्टूबर 2026। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को मध्य प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने पर भाजपा के केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व से कई सवाल किए हैं। उन्होंने एपस्टीन प्रकरण से जुड़े दस्तावेजों, ईमेल और मुलाकातों के संदर्भ में उठ रहे सवालों पर सार्वजनिक स्पष्टीकरण की मांग करते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता और जवाबदेही आवश्यक है। पटवारी ने यह भी सवाल उठाया कि हरदीप सिंह पुरी को मध्य प्रदेश से राज्यसभा भेजने के पीछे भाजपा की क्या राजनीतिक रणनीति है।

पत्रकार वार्ता में जीतू पटवारी ने कहा कि सार्वजनिक रूप से सामने आए दस्तावेजों और जानकारियों में वर्ष 2014 से 2017 के बीच हरदीप सिंह पुरी और जेफरी एप्स्टीन के बीच मुलाकातों तथा ईमेल संवाद का उल्लेख किया जा रहा है। उन्होंने सवाल किया कि इन मुलाकातों की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और क्या वे केवल प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई थीं? पटवारी ने भाजपा और हरदीप सिंह पुरी से इन सवालों पर तथ्यात्मक जवाब देने की मांग की।

उन्होंने कहा कि जेफरी एप्स्टीन का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर यौन अपराधों से जुड़े मामले में सामने आया है। ऐसे में उसके साथ संपर्क को लेकर उठ रहे सवालों पर पारदर्शिता जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस का सवाल किसी को दोषी ठहराने का नहीं, बल्कि सार्वजनिक जीवन में जवाबदेही सुनिश्चित करने का है।

मध्य प्रदेश की राज्यसभा सीट को लेकर भाजपा से सवाल

जीतू पटवारी ने हरदीप सिंह पुरी को मध्य प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने के निर्णय पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पुरी पहले उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सदस्य रह चुके हैं, ऐसे में उन्हें मध्य प्रदेश से उम्मीदवार बनाने के पीछे भाजपा की क्या राजनीतिक मजबूरी रही? कांग्रेस का आरोप है कि प्रदेश के एक दलित राज्यसभा सदस्य से इस्तीफा दिलवाकर यह सीट खाली कराई गई। पटवारी ने सवाल किया कि क्या भाजपा के पास मध्य प्रदेश में योग्य नेताओं की कमी है या प्रदेश की राज्यसभा सीटों का इस्तेमाल दिल्ली के राजनीतिक हितों के लिए किया जा रहा है?

मुख्यमंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को खुली बहस की चुनौती

पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को इस पूरे मामले पर कांग्रेस के साथ सार्वजनिक मंच पर खुली बहस करने की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता को बताया जाना चाहिए कि हरदीप सिंह पुरी को मध्य प्रदेश से राज्यसभा भेजने का निर्णय किन कारणों से लिया गया और एप्स्टीन प्रकरण से जुड़े सवालों पर भाजपा का आधिकारिक पक्ष क्या है।

उन्होंने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के सार्वजनिक जीवन में नैतिक मूल्यों और चरित्रवान कार्यकर्ताओं से जुड़े विचारों का उल्लेख करते हुए भाजपा से पूछा कि उसके नैतिक सिद्धांत राजनीतिक फैसलों में भी दिखाई देते हैं या केवल भाषणों तक सीमित हैं।

जिले और ब्लॉक स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेगी कांग्रेस

जीतू पटवारी ने घोषणा की कि मध्य प्रदेश कांग्रेस इस निर्णय के विरोध में प्रदेश के प्रत्येक जिले और ब्लॉक स्तर पर प्रदर्शन करेगी। इस दौरान भाजपा के राजनीतिक निर्णय के खिलाफ पुतला दहन भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को प्रदेश की जनता के बीच ले जाएगी और राजनीतिक जवाबदेही की मांग जारी रखेगी।

पटवारी ने मीडिया संस्थानों और संपादकों से भी अपील की कि वे इस मामले को केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित न रखें, बल्कि भाजपा से उठ रहे सवालों पर जवाब मांगें। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता से सवाल करना मीडिया की जिम्मेदारी है और प्रदेश की जनता को राज्यसभा सीट से जुड़े फैसलों की परिस्थितियों की जानकारी पाने का अधिकार है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस की लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ निराधार आरोप लगाने की नहीं, बल्कि पारदर्शिता, जवाबदेही और मध्य प्रदेश के राजनीतिक सम्मान से जुड़े सवालों की है।

पत्रकार वार्ता में मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक एवं विधायक नितेंद्र राठौर उपस्थित रहे।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।