हरिद्वार: हरिद्वार हैप्पी हत्याकांड का खुलासा, पुरानी रंजिश में मारी थी गोली
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उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में बीते दिनों 14 सितंबर को हैप्पी नाम के व्यक्ति की हत्या हुई थी, जिसका पुलिस ने खुलासा कर दिया। पुलिस के मुताबिक, पुरानी रंजिश के चलते हैप्पी की हत्या की साजिश रची गई थी। शुक्रवार देर रात पुलिस की बदमाशों से मुठभेड़ हुई, जिसमें एक आरोपी के पैर में गोली लगी।
पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया, जबकि दूसरा बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। घायल आरोपी की पहचान मुदस्सिर पुत्र जमशेद, निवासी दतौली रांगण, जिला सहारनपुर, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार देर रात बहादराबाद पुलिस को बदमाशों के बारे में सूचना मिली थी। पुलिस ने घेराबंदी की तो बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी।
जवाबी कार्रवाई में मुदस्सिर के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि फरार आरोपी इस्तकार की मृतक हैप्पी से पुरानी रंजिश थी। पुलिस के अनुसार, वर्ष 2022 में इस्तकार एक नाबालिग लड़की को सहारनपुर से भगाकर ले गया था। हैप्पी ने पुलिस को सूचना दी थी, जिसके बाद इस्तकार की गिरफ्तारी हुई थी। पुलिस के मुताबिक, जेल से छूटने के बाद इस्तकार कथित तौर पर स्मैक के कारोबार में शामिल हो गया था। हैप्पी द्वारा उसे दोबारा जेल भिजवाने की धमकी दिए जाने के बाद दोनों के बीच रंजिश और बढ़ गई। इसी रंजिश के चलते इस्तकार ने हैप्पी की हत्या की साजिश रची।
पुलिस जांच में हत्या की वारदात में मुदस्सिर समेत पांच आरोपियों के नाम सामने आए हैं। पुलिस के मुताबिक, वारदात में इस्तेमाल तमंचा उपलब्ध कराने वाला आरोपी साबिर मुकीम काला गैंग से जुड़ा हुआ था। फिलहाल पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि इस्तकार समेत चार आरोपी फरार हैं। पुलिस की टीमें आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं।
बाइट- नवनीत सिंह भुल्लर, एसएसपी, हरिद्वार
💡 पृष्ठभूमि (Background)
हरिद्वार में 14 सितंबर को हुआ हैप्पी नामक व्यक्ति की हत्या, जिसे पुलिस ने पुरानी रंजिश के कारण योजनाबद्ध बताया है। यह घटना स्थानीय समाज में गहरी चिंता पैदा कर रही है क्योंकि यह दर्शाती है कि व्यक्तिगत विवाद भी हिंसक रूप ले सकते हैं। पुलिस ने दो बदमाशों को गिरफ्तार किया, एक घायल हुआ और दूसरा फरार हो गया। इस तरह की घटनाएँ जनता में सुरक्षा के प्रति भय बढ़ाती हैं और लोगों को अपने पड़ोसियों के साथ सुलह और विवादों का शांतिपूर्ण समाधान खोजने की आवश्यकता को उजागर करती हैं।
🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत
हरिद्वार की घटना हमें यह सिखाती है कि पुरानी रंजिशें कभी भी हिंसा के योग्य नहीं होतीं। यदि कोई विवाद हो, तो उसे सुलझाने के लिए कानूनी मार्ग, मध्यस्थता या संवाद का सहारा लें। गुस्से में लिपटने से न सिर्फ आप स्वयं, बल्कि समाज भी दुखी होता है। हमें शांति, सहानुभूति और न्याय के मूल्यों को अपनाकर एकजुट होकर आगे बढ़ना चाहिए।