हॉर्मुज से तेल प्रवाह बढ़ने का ट्रंप ने किया दावा, ईरानी तेल मंत्री के इस्तीफे पर भी बोले
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि पिछले कुछ दिनों में हॉर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते लाखों बैरल तेल की आवाजाही हुई है.
उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से तेल का प्रवाह युद्ध से पहले के स्तर तक पहुंच गया है और कुछ समय में उससे भी अधिक रहा है. युद्ध के बीच सामान्य स्तर पर लौट रही सप्लाई?
ट्रंप के मुताबिक, हॉर्मुज से बड़ी मात्रा में तेल की आवाजाही हो रही है.
हालांकि, स्वतंत्र बाजार आंकड़े बताते हैं कि क्षेत्र से तेल निर्यात में सुधार जरूर हुआ है, लेकिन सभी तरह के पेट्रोलियम उत्पादों की स्थिति एक जैसी नहीं है.
रॉयटर्स के अनुसार, सितंबर में ईरान को छोड़कर खाड़ी देशों का तेल निर्यात युद्ध से पहले के औसत का करीब 81 प्रतिशत रहा. कच्चे तेल और कंडेनसेट की सप्लाई इससे भी ज्यादा, करीब 91 प्रतिशत स्तर पर पहुंची.
ईरान के तेल मंत्री के इस्तीफे पर भी बयान ट्रंप ने ईरान की आर्थिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए वहां के तेल मंत्री मोहसिन पाकनेजाद के इस्तीफे का भी जिक्र किया.
उन्होंने दावा किया कि मंत्री ने खराब आर्थिक हालात के कारण पद छोड़ा. हालांकि, ईरानी अधिकारियों की ओर से इस्तीफे की वजह व्यक्तिगत कारण बताई गई है.
पाकनेजाद के बाद नेशनल ईरानियन ऑयल कंपनी के प्रमुख हमीद बोवार्ड को कार्यवाहक तेल मंत्री नियुक्त किया गया है. ईरान इस समय गंभीर आर्थिक दबाव का सामना कर रहा है.
तेल निर्यात पर प्रतिबंध और क्षेत्रीय संघर्ष ने देश की विदेशी मुद्रा आय और ऊर्जा कारोबार को प्रभावित किया है.
ईरानी तेल मंत्री का इस्तीफा ऐसे समय हुआ है जब सरकार पर आर्थिक स्थिति संभालने का दबाव लगातार बढ़ रहा है.
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हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है.
खाड़ी क्षेत्र के प्रमुख तेल उत्पादक देशों से निकलने वाला कच्चा तेल और पेट्रोलियम उत्पाद इसी समुद्री रास्ते से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचते हैं.
इसलिए यहां किसी भी बड़े व्यवधान का असर केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वैश्विक तेल कीमतों और ईंधन बाजार पर भी पड़ सकता है.
तेल की सप्लाई बढ़ी, लेकिन खतरा अभी खत्म नहीं हालिया आंकड़ों से संकेत मिलता है कि मध्य पूर्व से तेल की आवाजाही में सुधार हुआ है.
विटोल के सीईओ रसेल हार्डी के मुताबिक, पिछले 7 से 10 दिनों में मध्य पूर्व से रोजाना करीब 12 मिलियन बैरल कच्चा तेल और लगभग 2 मिलियन बैरल रिफाइंड उत्पाद बाहर गए.
इसके बावजूद शिपिंग जोखिम और रिफाइंड ईंधन की कमी बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है.
वैश्विक बाजार की नजर हॉर्मुज पर हॉर्मुज में तेल की आवाजाही बढ़ने से वैश्विक बाजार को कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन क्षेत्र में जारी सैन्य तनाव के कारण स्थिति अभी भी अनिश्चित बनी हुई है.
अगर समुद्री मार्ग पर दोबारा बड़ा व्यवधान आता है, तो तेल की कीमतों और ईंधन की उपलब्धता पर दबाव बढ़ सकता है.
दूसरी ओर, तेल की सप्लाई लगातार बनी रहती है तो बाजार में आपूर्ति संबंधी चिंता कुछ कम हो सकती है.
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📡 स्रोत: NewsData.io