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हथिनीकुंड बैराज में सेना की बोट डूबी, 2 जवान लापता:3 बचाए गए, यमुना में 10KM में रातभर चला सर्च ऑपरेशन; हरियाणा-यूपी में हेलिकॉप्टर से निगरानी

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 2 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
हथिनीकुंड बैराज में सेना की बोट डूबी, 2 जवान लापता:3 बचाए गए, यमुना में 10KM में रातभर चला सर्च ऑपरेशन; हरियाणा-यूपी में हेलिकॉप्टर से निगरानी

हरियाणा के यमुनानगर जिले में हथिनीकुंड बैराज के पास मंगलवार शाम यमुना नदी में सेना की बोट डूबने से लापता दो जवानों का 15 घंटे बाद पता नहीं लग पाया है। मंगलवार शाम को 5 बजे शुरू हुआ सर्च ऑपरेशन रात भर चला। हेलिकॉप्टर से भी निगरानी की गई। हरियाणा के अलावा यूपी की SDRF टीमें भी जुटी हैं। लोकल गोताखोरों को भी लगाया गया है।

बैराज से निकलने वाली पूर्वी और पश्चिमी यमुना नहर के किनारों पर सर्च लाइटों के जरिए निगरानी की गई। आज नहरों में पानी की सप्लाई कम करके दोबारा कोशिश होगी। सेना के वन पैरा स्पेशल फोर्स का बाढ़ बचाव अभ्यास यह हादसा हुआ था। हादसे में सेना के पांच जवान पानी में डूबने लगे थे।

इनमें से तीन जवान करीब 600 मीटर तक तेज बहाव में तैरकर पश्चिमी यमुना नहर (डब्ल्यूजेसी) के गेट से बाहर निकलने में सफल रहे थे। लापता जवानों की पहचान महाराष्ट्र निवासी आर्यन पाटिल और जम्मू-कश्मीर के अखनूर निवासी अजय के रूप में हुई है।

रात में चले सर्च ऑपरेशन के PHOTO… रात में ही मौके पर पहुंचे एसडीएम जवानों के लापता होने की सूचना के बाद प्रशासन ने भी रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी तेज कर दी। देर रात एसडीएम जसपाल गिल और डीएसपी रजत गुलिया मौके पर पहुंचे और बचाव अभियान का जायजा लिया।

अधिकारियों ने मौके पर मौजूद सेना, एसडीआरएफ और पुलिस अधिकारियों से सर्च ऑपरेशन की जानकारी ली। प्रतापनगर थाना प्रभारी रोहताश सिंह के अनुसार, सूचना मिलते ही हरियाणा के अलावा उत्तर प्रदेश एसडीआरएफ की टीम को भी मौके पर बुलाया गया था। सेना के डाइवर्स और स्थानीय गोताखोर भी तलाश में जुटे हैं।

बैराज से 10 किलोमीटर आगे तक खंगाली नहर रेस्क्यू टीमों ने हथिनीकुंड बैराज से आगे निकलने वाली नहर में करीब 10 किलोमीटर तक सर्च ऑपरेशन चलाया है। हालांकि तेज बहाव के कारण गोताखोरों के लिए कई स्थानों पर पानी में उतरना बेहद जोखिम भरा साबित हो रहा है। बैराज से निकलने वाली नहर पर आगे करीब सात पुल भी पड़ते हैं।

इन पुलों के नीचे से पानी काफी तेज गति से बह रहा है। ऐसे में इनके आसपास गोताखोरों के लिए सर्च करना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। इसके बावजूद टीमें अलग-अलग हिस्सों में लगातार जवानों की तलाश कर रही हैं।

गांवों के सरपंचों को भी किया अलर्ट गोताखोरों के अनुसार, हथिनीकुंड बैराज से निकलने वाली नहर आगे जाकर कई हिस्सों में बंट जाती है। मुख्य नहर से निकलने

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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